सद्भावना दिवस, 20 अगस्त 2020 के दिन, पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी का जयंती पर,
मैं यह प्रतिज्ञा लेती/लेता हूं कि मैं अन्य लोगो के साथ और हमारी प्यारी प्रकृति मां के साथ सदभावना रखूंगी/रखूंगा। हमारे श्लोक 'वसुदेव कुटुम्बकम' में यही कहा गया है।
मैं भारत देश में विभिन्न धर्मों, जातियों, वर्गों, व्यवसायों, भाषाई और जातीय पहचान के लोगों के बीच व अन्य राष्ट्रों में भी सदभावना फैलाने की दिशा में काम करने की प्रतिज्ञा करती/करता हूं।
मैं समझती/समझता हूं कि दूसरों के बीच सदभावना फैलाने के लिए, मुझे स्वयं से सदभावना रखनी होगी, जो मेरी स्वीकृति, आंतरिक शांति, प्रेम, सत्य, अहिंसा और जरूरतमंदों की मदद के माध्यम से आएगी।
मुझे विश्वास है कि सदभावना के प्रसार की दिशा में मैं जो भी कदम उठाउंगी/उठाऊंगा, वो अपने देश को अधिक प्रगतिशील और समृद्ध बनाने में व इस दुनिया को सभी लोगो के लिए एक बेहतर स्थान बनाने में मदद करेगा।