डिसेन्ट्रलाइजेशन ऑफ एजुकेशन गवर्नेंस

डिसेन्ट्रलाइजेशन ऑफ एजुकेशन गवर्नेंस

decentralizaion-education

स्कूल से लेकर गाँव के स्तर तक विकेन्द्रीकृत नियोजन को सक्षम बनाने के लिए संरचनाओं का निर्माण करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए और नीचे से ऊपर की प्रक्रिया (बॉटम-अप प्रोसेस) को सुदृढ़ करने के लिए ‘डिसेन्ट्रलाइजेशन ऑफ एजुकेशन गवर्नेंस’ (डीईजी) कार्यक्रम की संकल्पना 2010 में की गई थी। यह मानते हुए कि पंचायती राज संस्थाएँ (पीआरआई) प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर समुदाय के सही मायने में प्रतिनिधि निकाय हैं, इस कार्यक्रम ने पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर के पंचायती राज संस्थाओं में विद्यालय प्रबंध समितियों और स्थायी समितियों की संस्थागत क्षमताओं को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा। इस दृष्टिकोण के अंतर्गत विद्यालयों को सामाजिक परिवर्तन की एक इकाई और समुदाय को परिवर्तन के एजेंट के रूप में उपयोग किया गया। इस कार्यक्रम ने कुछ चुने हुए गैर-सरकारी संगठनों और सरकारों के साथ सहयोग करने का सक्रियता से प्रयास किया। वर्ष 2010-15के दौरान संस्थापन ने अपने प्रमुख शिक्षा कार्यक्रमों को बड़े पैमाने पर निर्माण करने और लागू करने का कार्य किया है। इसे संक्षेप में नीचे दर्शाया गया है:

राज्य जिला (Nos) ब्लॉक (Nos) ग्राम पंचायत (Nos) स्कूल (Nos)
राजस्थान 5 45 447 2,752
उत्तर प्रदेश 11 140 1,832 5,499
कुल 16 185 2,279 8,251

 

डीईजी(DEG) कार्यक्रम ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 8,000 स्कूलों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। इस कार्यक्रम के तहत 7,000 से अधिक शिक्षण ग्राम सभाएँ, 2,000 से अधिक ग्राम पंचायत की बैठकें, 6,000 से अधिक एसएमसी(SMC) प्रशिक्षण और 300 ब्लॉक स्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। ये प्रक्रियाएँ 4.5 लाख से अधिक छात्रों, 1.2 लाख माता-पिता, 16,000 सरकारी अधिकारियों और ग्राम पंचायतों के 22,402 निर्वाचित प्रतिनिधियों तक पहुँचीं। कार्यक्रम के हो रहे कार्यान्वयन का नामांकन, उपस्थिति, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की पहुँच और स्कूल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के लिए सीखने के स्थान के रूप में ‘वंडरूम’ की अवधारणा निहित है। संस्थापन के परिसर में ही शुरू की गई यह परियोजना समय-समय पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित और आमंत्रित करती है जिनमें पुस्तक-वाचन सत्र, समर कैम्प, थिएटर और संगीत के लिए कार्यशालाएँ आदि शामिल हैं। ‘वंडरूम’ में शामिल होकर कार्यक्रम की टीम सीखने के विभिन्न आयामों की अपनी समझ को भी को बढ़ाती है।