हमारी कहानी

1991-1992

1992-1993

1993-1994

1994-1995

1995-1996

1996-1997

1997-1998

2000-2001

2001-2002

2002-2003

2003-2004

2004-2005

2005-2006

2006-2007

2007-2008

2008-2009

2009-2011

2011-2012

2012-2013

2013-2015

1991-1992

  • 21 जून, 1991 को राजीव गांधी संस्थापन की स्थापना
  • पाँच प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करने का निर्णय लिया गया:
    • साक्षरता
    • विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा
    • वंचितों और निःशक्तजनों का सशक्तिकरण
    • विमानन के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा
    • एक थिंक टैंक की स्थापना- अगस्त, 1991 में राजीव गांधी इन्स्टीच्यूट ऑफ कंटेपररी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस) की स्थापना; न्याय पंचायतों की व्यवहार्यता का अध्ययन इसकी पहली परियोजनाओं में से एक थी।
  • नई दिल्ली स्थित जवाहर भवन में कार्यालय की स्थापना।
  • बंगलोर स्थित नेशनल लॉ स्कूल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक वाद-विवाद प्रतियोगिता में दो पुरस्कार विजेताओं को 50,000 रुपये का राजीव गांधी पुरस्कार। बहस का विषय: अमेरिका और भारत में बौद्धिक संपदा अधिकार।
  • 17 और 18 नवंबर, 1991 को बम्बई, मद्रास, कलकत्ता और नई दिल्ली में गैर-सरकारी संगठनों की मदद से एक दिवसीय संगोष्ठियों का आयोजन। व्हीलचेयर, बैसाखी और बधिरों के लिए सुनने का उपकरण जैसी 1 लाख रुपये मूल्य के उपकरण इन प्रत्येक संगोष्ठियों में निःशक्त बच्चों के बीच वितरित किए गए।
  • जनवरी 1991 में साक्षरता प्रकोष्ठ का गठन ; जनवरी 7 मार्च 1992 को एक-दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन; नव-साक्षर वयस्कों के लिए पाठ्य-सामग्रियों का निर्माण और साक्षरता कार्यक्रम विकसित किए जाने प्रक्रिया शुरू।
  • भारत के कई हिस्सों में ग्रामीण परिवारों को खेती के लिए फलों के पेड़ और बीज वितरित करने हेतु ‘ट्री फॉर लाइफ’ संस्था के साथ सहयोग।
  • उत्तरकाशी भूकंप पीड़ितों के लिए राहत: 5.56 लाख रुपये की राहत सामग्री बूढ़ा केदार ब्लॉक और जठोली ब्लॉक के 100 परिवारों को प्रदान किया गया।
  • रेलगाड़ी में अस्पताल की अवधारणा के रूप में ‘लाइफ लाइन एक्सप्रेस’ विकसित की गई जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे फ़्लेग स्टेशन पर मुफ्त चिकित्सा देखभाल की सुविधा प्रदान की जाती थी। ‘इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन’ के सहयोग से लाइफ लाइन एक्सप्रेस का एक फ़्लेग स्टेशन अमेठी में भी रखा गया।
  • सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम: जनवरी 1992 में दिल्ली में और मार्च 1992 में मद्रास में दो संगीत समारोहों का आयोजन।

विकलांग बच्चों के लिए कार्यशाला

संस्थापन के कार्यालय, जवाहर भवन की इमारत का एक पुराना दृश्य

उत्तरकाशी भूकंप पीड़ितों के बीच राहत कार्य

1992-1993

  • नव-साक्षरों के लिए पुस्तकें: भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने राजीव गांधी पुस्तकमाला श्रृंखला के तहत एक हिंदी, दो उर्दू और एक तेलुगू पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक श्रृंखला का उद्देश्य नव-साक्षरों के लिए उपयुक्त सामग्री का विकास करना है।
  • रूड़की विश्वविद्यालय द्वारा संकल्पित भूकंपविरोधी घरों के नमूने विकसित किए गए।
  • अप्रैल-मई 1992 में से सबसे सुरक्षित उड़ाके के रूप में जापान की सुश्री नोरिको यामाओ को कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में राजीव गांधी ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सहयोग से हृदय योजना के लिए 4.5 लाख रुपये आवंटित किए गए।
  • अगस्त 1992 में अमेठी संसदीय क्षेत्र के पांच तहसीलों में पांच-दिवसीय चलंत दंत-चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिससे 1867 रोगी लाभान्वित हुए।
  • 20 अगस्त 1992 को इंडिया गेट पर राजीव गांधी वॉकाथन का आयोजन जिसमें 3,500 से अधिक बच्चों ने भाग लिया।
  • निःशक्तजनों को मोटरचालित तिपहिया प्रदान करने की योजना की शुरुआत।
  • मुंबई, कलकत्ता, भोपाल, हैदराबाद, मुंगेर और कानपुर में दंगा पीड़ितों के बीच तिरपाल, कंबल, दवाइयां और खाना पकाने के बर्तन जैसी राहत सामग्रियां वितरित की गईं; संस्थापन ने भी मुंबई में हुए दंगों के पीड़ितों को आपातकालीन राहत के लिए 10 लाख रुपये भी प्रदान किए गए।
  • आतंकवादी हिंसा के शिकार लोगों के बच्चों के लिए 25 लाख रुपये के प्रारंभिक योगदान के साथ एक विशेष परियोजना की शुरुआत।
  • 23 मई, 1992 को प्रथम राजीव गांधी स्मृति व्याख्यान का आयोजन।
  • 24 फरवरी, 1993 को लंदन में राजीव गांधी (यूके) फाउंडेशन की स्थापना।
  • दिल्ली और मुंबई में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और संगीत समारोहों के माध्यम से 4 लाख रुपये की धनराशि जुटाकर दंगा पीड़ितों की मदद के लिए दान।

भूकंपरोधी घरों के प्रोटोटाइप (नमूने) विकसित करने के लिए संस्थापन ने एक परियोजना शुरू की

1993-1994

  • ‘इंटरएक्ट’ (इनिशिएटिव्ह टू एजुकेट, रिहैबिलिटेट एंड एसिस्ट चाइल्ड विक्टिम्स ऑफ टेररिज़्म ) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया गया और असम, पंजाब, आंध्र प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर से 150 से अधिक बच्चों को मदद पहुँचाई गई। 25 लाख रुपए के कोष के अलावा इंटरएक्ट के लिए 2.9 लाख रुपये श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा भी प्रदान किया गया। संस्थापन ने इंटरएक्ट के तहत एक बच्चे का पूरा खर्च उठाने के कार्यक्रम की भी शुरुआत की जिसमें बच्चे के एक वर्ष की शिक्षा का खर्च 10,000 रुपये और लगातार सहयोग का खर्च 60,000 रुपये की व्यवस्था की गई।
  • मार्च 1994 तक 43 ग्रामीण पुस्तकालयों की स्थापना; राजीव गांधी पुस्तकमाला श्रृंखला के तहत नौ नई किताबें जारी की गईं।
  • स्वास्थ्य परियोजनाएँ:
    • महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी लाइफ लाइन एक्सप्रेस का प्रायोजन
    • एम्स के सहयोग से जून 1992 में शुरू की गई हृदय योजना दिल्ली और इसके उपनगरों के 47 विद्यालयों तक पहुंची
    • टीबी मोबाइल वैन
    • एड्स जागरूकता कार्यक्रम
  • निःशक्तजनों के लिए कल्याण कार्यक्रम:
    • अस्थिजन्य निःशक्तता ग्रस्त प्रतिभाशाली व्यक्तियों के बीच तिपहिया मोटर वाहनों का वितरण
    • पश्चिम बंगाल और मिजोरम में निःशक्तता जागरूकता पर परियोजनाएं
    • नई दिल्ली स्थित ‘अक्षय संस्थापन’ में पुनर्वास इकाई की शुरुआत
    • रायबरेली में नेत्रहीनों के लिए एक ब्रेल लाइब्रेरी की शुरुआत
    • नई दिल्ली स्थित अमर ज्योति स्कूल को एक ‘स्वराज माजदा’ वाहन प्रदान किया गया
    • दिसंबर 1993 में मद्रास में बहु-निःशक्तता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
    • श्री राजीव गांधी के 49वें जन्म-दिवस के उपलक्ष्य में निःशक्त बच्चों द्वारा नई दिल्ली में सात दिवसीय पेंटिंग प्रदर्शनी
  • पंचायती राज टास्क फोर्स ने पटना, मद्रास और लखनऊ में पंचायत के विकास के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया।
  • 1 और 2 मई, 1993 को नई दिल्ली में राजीव गांधी स्मृति व्याख्यान का आयोजन।

कला के माध्यम से एकता

राजीव गांधी वॉकाथन

मानव सभ्यता की प्रगति के लिए राजीव गांधी मेमोरियल इनिशिएटिव

1994-1995

  • पंचायती राज टास्क फोर्स
    • राज्यों में नए पंचायत कानून पारित किए जाने या पुराने कानूनों में संशोधन किए जाने की स्थिति का जायजा लेने के लिए पांच बैठकें आयोजित की गईं।
    • पूर्वोत्तर क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासी संस्थाओं विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का गुवाहाटी में आयोजन।
    • स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की 50वीं जयंती के अवसर पर पंचायतों के लिए एक घोषणापत्र को अंतिम रूप दिया गया और उसे जारी किया गया।

1995-1996

  • महिलाओं और बच्चों के लिए कार्यक्रम:
    • श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा प्रदत्त 25 लाख रुपये के दान से इंटरएक्ट कार्यक्रम की शुरूआत
    • ‘रीच’ परियोजना की शुरुआत
    • भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को सहायता
    • शराबियों के बच्चों के साथ रोकथाम संबंधी कार्यों के प्रशिक्षण हेतु पैकेज
    • आदिवासी महिलाओं के लिए प्रशिक्षण
  • स्वास्थ्य कार्यक्रम:
    • टीबी मरीजों के लिए मोबाइल क्लिनिक
    • राजीव गांधी प्राथमिक स्वास्थ्य परियोजना
    • एड्स के खिलाफ राजीव गांधी संस्थापन की जंग
    • लाइफ लाइन एक्सप्रेस परियोजना
  • निःशक्तजनों के कल्याण के लिए कार्यक्रम:
    • शारीरिक रूप से निःशक्त 10 व्यक्तियों को तिपहिया मोटरवाहन प्रदान किए गए
    • निःशक्त व्यक्तियों के रोजगार संवर्धन हेतु राष्ट्रीय केन्द्र
    • मसूरी में हाथ-रिक्शा चालक परियोजना
  • विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • पशुधन प्रबंधन के लिए बेयरफुट तकनीशियन तैयार करना
    • चलंत पशु-चिकित्सा क्लीनिक
    • आरजीएफ एमेचर (अप्रवीण) क्लब
    • ग्रामीण विकास के लिए एक टिकाऊ सिंचाई प्रणाली हेतु राजीव गांधी बायोमास ऊर्जा परियोजना
    • युवा छात्रों को तैयार करने के लिए डिजाइन और प्रौद्योगिकी परियोजना की शुरुआत
  • साक्षरता के लिए कार्यक्रम:
    • नव-साक्षरों के लिए किताबें और चलंत पुस्तकालय
    • बालिकाओं की प्राथमिक शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए राजीव गांधी पहल
    • जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में आदिवासी लड़कियों के बीच शिक्षा को प्रोत्साहन
  • संगोष्ठी और व्याख्यान:
    • 1995 में भारत के पूर्व वित्त मंत्री प्रो. मनमोहन सिंह ने ‘आर्थिक सुधार: आगामी चुनौतियां’ विषय पर एक व्याख्यान दिया
    • 1995 में पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री पी.ए. संगमा ने ‘श्रम क्षेत्र और रोजगार की स्थिति में सुधार’ विषय पर एक व्याख्यान दिया
    • इस पूरे वर्ष के दौरान संस्थापन ने मानसिक स्वास्थ्य, आदिवासी मामलों और वैश्विक समाज में समानता जैसे विषयों पर संगोष्ठियों, चर्चाओं और सम्मेलनों का भी आयोजन किया
    • इस वर्ष के प्रकाशनों में ‘दी फ्यूचर ऑफ दी वर्ल्ड बैंक’, ‘टेक्नॉलॉजी मिशन्स’, ‘डेमोक्रेसी एंड ह्यूमन राईट्स’ और ‘हिंदू-मुस्लिम रायट्स 1960-1993’ जैसे दस्तावेज प्रमुख थे।

श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा तिपहिया वाहनों का वितरण

चेन्नई केंद्र में कंप्यूटर पर काम करते हुए स्पैस्टिक (मतिमंदता पीड़ित) बच्चे

वार्षिक राजीव गांधी हैम रेडियो पुरस्कार समारोह

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में काम में लगे मोबाइल (चलंत) टीबी वैन

1996-1997

  • स्वास्थ्य कार्यक्रम:
    • एड्स के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन; चलंत एड्स परामर्श (mobile aids counselling) 
    • सबके लिए स्वास्थ्य: समुदाय आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य मॉडल अमेठी तहसील के चार ब्लाकों के 32 गांवों में लागू
    • मसूरी से हाथ-रिक्शा की प्रथा दूर करने के लिए संस्थापन ने 100 से अधिक साइकिल-रिक्शा उपलब्ध कराई; इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि ज्यादातर रिक्शा चालक पहले से ही टीबी और अन्य से पीड़ित थे, संस्थापन ने टीबी पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य कवरेज योजना के तहत दवाओं के लिए वित्तीय मदद देने की योजना शुरू की
    • स्वास्थ्य सखी योजना के माध्यम से आयुर्वेदिक और हर्बल दवाओं द्वारा स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए 1995 में इलाहाबाद जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य परियोजना शुरू की गई
    • उत्तर प्रदेश में वार्षिक दंत चिकित्सा शिविरों का आयोजन
    • 1993 के बाद से संस्थापन ने हिमाचल प्रदेश में मोबाइल टीबी वैन की व्यवस्था शुरू की
    • आठ राज्यों में 12 शिविरों को कवर करने के लिए लाइफ लाइन एक्सप्रेस को विस्तारित किया गया; 55,000 से अधिक लोगों को राहत प्रदान की गई
  • साक्षरता कार्यक्रम:
    • 1993 में शुरू हुई ग्रामीण पुस्तकालय परियोजना को विस्तारित कर 10 राज्यों में 550 से अधिक गांवों को कवर किया गया 
    • चलंत पुस्तकालयों ने चार राज्यों के 1.2 लाख पाठकों को सेवा प्रदान करना शुरू किया
    • हैदराबाद की याकूतपुरा झुग्गी बस्ती में ‘एज’ (EDGE अथवा एजुकेटिंग गर्ल्स फॉर एम्पावरमेंट/सशक्तिकरण के लिए लड़कियों को शिक्षित करना) परियोजना; 6 से 18 साल आयु-वर्ग की 300 लड़कियों को इन शिक्षा केन्द्रों में शिक्षा दी गई
    • उदयपुर, राजस्थान के दूरदराज के क्षेत्रों में 200 आदिवासी लड़कियों को शिक्षा
    • मध्य प्रदेश में राजीव गांधी प्राथमिक शिक्षा पहल प्राथमिक शिक्षा (RGIEE) की शुरुआत: (1) सीहोर जिले में 10 स्कूलों की शुरुआत; 300 छात्र नामांकित; (2) भोपाल और सीहोर के शहरी मलिन बस्तियों में 20 वैकल्पिक स्कूलों की स्थापना; (3) शिक्षक सशक्तिकरण परियोजना का मूल्यांकन
    • राजीव गांधी पुस्तकमाला श्रृंखला में तीन नए पुस्तक जुड़े
  • महिला एवं बाल विकास:
    • क्रूर जातीय हिंसा के शिकार लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए संस्थापन ने मणिपुर में लगभग 120 महिलाओं को कढ़ाई कौशल और सूती करघा बुनाई में एक वर्ष का प्रशिक्षण प्रायोजित किया
    • मिजोरम के आइजोल में तंगहाल महिलाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण का आयोजन, 180 महिलाओं को टाइपिंग, सिलाई और बुनाई का प्रशिक्षण; उनके उत्पादों का विपणन कर मुनाफे का सदस्यों के बीच वितरण
    • इंदौर में ‘रीच’ (REACH अथवा रिहैबिलिटेशन, एजुकेशन एंड एसिस्टेंस फॉर द चिल्ड्रन ऑन दी स्ट्रीट/लावारिस बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और सहायता) परियोजना
    • दिल्ली में लावारिस बच्चों के बीच उद्यमशीलता विकसित करने के लिए ‘सेल्फ’ परियोजना 
    • भूकंप प्रभावित लातूर क्षेत्र में बंजारा कला और विकास केन्द्र की शुरुआत
  • निःशक्तजनों के सहायता:
    • दिल्ली में मूक एवं बधिरों के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण
    • जम्मू एवं कश्मीर के उधमपुर में सेवा कर्मियों के निःशक्त बच्चों के लिए केंद्र
    • ‘कैटर्ड’ (CATERED) परियोजना के तहत विशेष रूप से डिजाइन किए गए सॉफ्टवेयर की मदद से निःशक्त छात्रों को सहायता
    • भुवनेश्वर में मानसिक निःशक्तता से पीड़ित व्यक्तियों के लिए सेवा केंद्र को सहयोग
    • निःशक्तजनों के रोजगार संवर्धन हेतु राष्ट्रीय केन्द्र की नई दिल्ली में स्थापना; संस्थापन ने शुरुआती दो वर्ष के लिए संगठन को वित्तीय सहायता प्रदान की
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा और असम के गांवों में मवेशियों और मुर्गियों के टीकाकरण के लिए प्रशिक्षित स्थानीय तकनीशियनों के विकास हेतु पहल
    • एक डिजाइन और प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने के लिए दून स्कूल को 14 लाख रुपये का दान
  • अन्य:
    • विभिन्न ब्रितानी विश्वविद्यालयों के 30 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए केम्ब्रिज कामनवेल्थ ट्रस्ट के सहयोग से यात्रा छात्रवृत्ति
    • राजीव गांधी अभिलेखागार: राजीव गांधी से संबंधित डाटा बैंक

आदिवासी महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

निःशक्तजनों के बीच रोजगार को बढ़ावा

आदिवासी बालिकाओं के लिए शिक्षा

‘आर्थिक सुधारों की दिशा में अगले कदम’ विषय पर परिचर्चा

‘टिकाऊ विकास के लिए नए गठबंधन’ विषय पर व्याख्यान

संस्थापन द्वारा आयोजित दंत जांच शिविर

1997-1998

  • शिक्षा:
    • ‘देवी’ नाम के एनजीओ के सहयोग से अमेठी में वैकल्पिक प्राथमिक शिक्षा परियोजना की शुरूआत
    • हैदराबाद के याकूतपुरा झुग्गी बस्ती में रहनेवाली उपेक्षित बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए ‘एज’ (EDGE) परियोजना की शुरूआत
    • ‘अपना संस्थान’ और ‘प्रयत्न समिति’ नाम के दो गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से राजस्थान के उदयपुर जिले में 6 से 14 वर्ष आयु-वर्ग की 200 आदिवासी लड़कियों को बुनियादी शिक्षा
    • ग्रामीण पुस्तकालय परियोजना का असम, बिहार और उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) के नए जिलों में विस्तार; नव-साक्षरों की जरूरतें पूरी करने के लिए झुग्गी पुस्तकालयों की शुरुआत
    • यह सुनिश्चित करने के लिए कि किताबें बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचे दिल्ली, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में गैर-सरकारी संगठनों वैन प्रदान की गई; इन चलंत पुस्तकालयों से करीब 12 लाख लोगों तक किताबें पहुँचाने में मदद मिली
    • राजीव गांधी पुस्तकमाला श्रृंखला के तहत ग्रामीण लेखकों को अपनी कृतियाँ लिखने और प्रकाशित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया
    • सेशल्स के छात्रों तक उच्च शिक्षा पहुँचाने के लिए दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों का विस्तार करने के लिए संस्थापन और इग्नू ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कि
  • महिलाओं और बच्चों का कल्याण और सशक्तिकरण:
    • ‘इंटरएक्ट’ (INTERACT) परियोजना के क्रम में ही कई बच्चों ने आजादी की 50वीं वर्षगाँठ मनाई; उन्होंने दर्शनीय स्थलों के भ्रमण, खेल और व्यक्तित्व विकास के सत्रों में भाग लिया
    • ‘रीच’ (REACH) परियोजना के तहत तीसरा रात्रि-आश्रय खोला गया
  • निःशक्त लोगों के लिए कार्यक्रम:
    • ‘कैटर्ड’ (CATERED) परियोजना के दूसरे चरण के लिए संस्थापन ने एनआईआईटी और तमिलनाडु स्पास्टिक सोसायटी (SPASTN) के साथ गठजोड़ किया; SPASTN में ‘आई राईट प्लस: एन इंटरैक्टिव्ह लर्निंग एनवायरनमेंट फॉर दी डिसएबल्ड’ (I Write Plus: An Interactive Learning Environment for the Disabled) नाम के सॉफ्टवेयर का परीक्षण किया गया
    • इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से लाइफ लाइन एक्सप्रेस परियोजना चलाई गई जिसमें तीन रेल डिब्बे को एक नया रूप देकर उसमें एक ऑपरेशन थियेटर, एक नसबंदी कक्ष, एक नैदानिक ​​केंद्र और एक 12-बिस्तर वाली पोस्ट ऑपरेटिव इकाई विकसित की गई
    • अस्थि-निःशक्तता से पीड़ित 30 व्यक्तियों को तिपहिया वाहन प्रदान किए गए
    • निःशक्त लोगों की व्यावसायिक पुनर्वास पर ज्ञान का आदान-प्रदान करने के लिए ‘निःशक्त लोगों के लिए रोजगार के अवसर’ विषय पर एक भारत-जापान संयुक्त संगोष्ठी का आयोजन
    • जम्मू एवं कश्मीर के उधमपुर में आशा केंद्र में संस्थापन ने ‘सैनिक पत्नी कल्याण संघ’ (आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन, AWWA) को सैन्य कर्मियों के निःशक्त बच्चों के लिए एक इकाई की स्थापना में सहायता प्रदान की
    • मानसिक मंदता से पीड़ित व्यक्तियों के लिए ओडिशा में एक सेवा केंद्र स्थापित करने में संस्थापन ने ‘दी चेतना इन्स्टीच्यूट ऑफ मेन्टली हैंडीकैप्ड’ (मानसिक निःशक्तजनों के लिए चेतना संस्थान) को सहायता प्रदान की 
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • पशुधन और कुक्कुट के टीकाकरण, पशुओं के प्रजनन और चारा प्रबंधन पर किसानों को सलाह देने में सक्षम व्यक्ति तैयार करने के लिए ‘राजीव गांधी इनिशिएटिव्ह फॉर डेवलपमेंट ऑफ बेयरफुट टेक्नीशियन्स’ (बेयरफुट तकनीशियनों के विकास के लिए राजीव गांधी प्रयास) की शुरुआत
    • आरजीएफ शौकिया रेडियो क्लब ने हैम रेडियो के अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को जारी रखा
    • ‘डेलही एनवायरनमेंट एक्शन नेटवर्क’ (दिल्ली पर्यावरण एक्शन नेटवर्क- डीन) कार्यक्रम ने दिल्ली में पर्यावरण की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया और पर्यावरण में सुधार के लिए जागरूकता अभियान आयोजित किए
    • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संस्थापन के बायोमास प्रोजेक्ट ने अपने अंतिम चरण में प्रवेश किया, जिसके तहत ट्यूबवेल, पानी के पंप, छिड़काव उपकरण और पाइपलाइनें लगाई गईं
  • स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियाँ
    • प्राइवेट चिकित्सकों के लिए भारत में पहली बार एचआईवी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया
    • एचआईवी रोगियों को चिकित्सकीय, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने के लिए मोबाइल एड्स परामर्श सेवा
    • राजीव गांधी कैंसर केयर होम सेवाओं की एक और नई इकाई शुरू की गई जिसके तहत विशेषज्ञों ने नियमित रूप से मरीजों का दौरा शुरू किया
    • “हेल्थ फॉर ऑल” (सभी के लिए स्वास्थ्य) का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक समुदाय आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य मॉडल डिजाइन किया गया। 51 ग्रामीण स्वास्थ्य संचारकों के लिए एक सात-दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया और एक विस्तृत संचार अभियान भी शुरू किया गया
    • रिक्शा चालकों और उनके परिजनों को चिकीत्सकीय खर्च (कवर) प्रदान किया गया जिनमें से ज्यादातर टीबी से पीड़ित थे
  • अन्य गतिविधियाँ:
    • संस्थापन ने इंटैक (INTACH) के शांतिनिकेतन चैप्टर के सहयोग से इटोंडा के जोरबंगला मंदिर के जीर्णोद्धार में सहायता दी
    • तमिलनाडु स्थित गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान में पंचायती राज पर राजीव गांधी चेयर की शुरुआत और शोध परियोजनाओं का संचालन और पंचायती राज व्यवस्था में शक्तियों के वितरण और कार्यकरण पर विभिन्न दस्तावेजों का प्रकाशन
    • राजीव गांधी छात्रवृत्ति और सहायता राशियों का वितरण
    • व्यापक शैक्षिक उद्देश्यों के लिए ब्रिटेन के 20 छात्रों को राजीव गांधी यात्रा छात्रवृत्ति प्रदान की गई
    • ACSSR के पूर्वोत्तर क्षेत्रीय केंद्र में शुरू की गई राजीव गांधी वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत प्रख्यात भारतीयों और विदेशी विद्वानों ने क्षेत्र के छात्रों को संबोधित किया
  • मीडिया से संबंधित गतिविधियाँ:
    • आरजीएफ के न्यासी बोर्ड की नौवीं बैठक 19 मार्च, 1998 को आयोजित की गई जिसमें डॉ. मनमोहन सिंह, डॉ. वाई. के. अलघ और श्रीमती मोहिनी गिरी जैसे नए न्यासियों को शामिल कर उनका स्वागत किया गया।
    • 20 अक्टूबर से 4 नवंबर, 1997 के बीच ललित कला अकादमी गैलरी में श्री राजीव गांधी द्वारा ली गईं 200 तस्वीरें प्रदर्शित की गईं।
    • राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल की उपलब्धियों को रेखांकित करनेवाली पुस्तक ‘राजीव गांधी का भारत’ तत्कालीन राष्ट्रपति श्री के.आर. नारायणन को भेंट की गई।
  • पंचायती राज का सुदृढ़ीकरण:
    • पंचायती राज टास्क फोर्स ने 19 उप-क्षेत्रीय कार्यशालाओं और एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया
    • टास्क फोर्स दो दस्तावेज भी प्रकाशित किए: ‘दी रीवाइटलाइजेशन ऑफ पंचायती राज इन इंडिया’ (भारत में पंचायती राज का पुनरोद्धार) और ‘व्हाइसेस फ्रॉम दि बिलो- ए समरी ऑफ दी प्रोसीडिंग्स ऑफ सब रीजनल वर्कशॉप्स: इशूज़ एंड रिकमेंडेशन्स’  (नीचे से उठनेवाली आवाज़ें—उप-क्षेत्रीय कार्यशालाओं की कार्यवाही का सारांश : मुद्दे और अनुशंसाएँ)
    • पंचायतों पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें देश भर से 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया

महिला एवं बाल कार्यक्रमों के तहत कार्यरत महिलाएँ

ग्रामीणों के बीच पुस्तकों का वितरण करते संस्थापन के वॉलंटियर

ग्रामीण पुस्तकालय परियोजना

प्रदर्शनी देखती हुईं श्रीमती गांधी एवं अन्य गणमान्य अतिथि

तिपहिया वाहन प्रदान करती हुईं श्रीमती सोनिया गांधी

‘21वीं सदी में संयुक्त राष्ट्र संघ’ नाम की पुस्तक का विमोचन

सर्वश्रेष्ठ हैम रेडियो संचालन के लिए संस्थापन द्वारा पुरस्कार वितरण

‘राजीव गांधी का भारत’ नाम की पुस्तक के चार खंडों का प्रस्तुतिकरण

बच्चों की बैठक

2000-2001

  • साक्षरता:
    • 148 नए पुस्तकालयों की स्थापना की गई
    • 5000 से अधिक पुस्तकों वाले तीन बुक बैंकों की स्थापना
    • चार साइबर केंद्र स्थापित किए गए
    • एक ‘लेखक और चित्रकार’ कार्यशाला का आयोजन किया गया
    • ‘इमेज’ (IMAGE) परियोजना के तहत किशोरियों को मशीन से कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया गया
  • स्वास्थ्य:
    • संस्थापन ने एक विशेष क्लिनिक को वित्तीय मदद दी जो लोकमान्य तिलक म्यूनिसिपल जनरल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज, मुंबई में निःशक्त बच्चों की चिकित्सकीय परिक्षण और शैक्षिक निदान प्रदान करता है।
    • 25वें आरजीएफ लाइफ लाइन एक्सप्रेस शिविर का आयोजन किया गया
    • अस्थिजन्य निःशक्तता और सामान्य बौद्धिक दुर्बलता वाले युवाओं को आधुनिक बागवानी के परिष्कृत तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया
    • ऑटिज़्म (स्वलीनता) जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की गई
  • महिला एवं बाल विकास:
    • ‘इंटरएक्ट’ (INTERACT) परियोजना के तहत 100 बच्चों को मदद दी गई
    • मजौली के बाहर के बाजारों के अनुरूप डिज़ाइन करने और विविधता लाने के लिए महिलाओं के प्रशिक्षण का एक कार्यक्रम चलाया गया
    • उड्डयन क्षेत्र में शामिल होने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गईं
    • जल संचयन के लिए फेरो-सीमेंट के टैंक अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए दो कार्यक्रम चलाए गए; टैंकों के प्रबंधन और पानी के वितरण की जिम्मेदारी महिला समूहों को दी गई
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • समूह चर्चा के माध्यम से ज्ञान दोतरफा आदान-प्रदान के लिए मत्स्यजीवी समुदाय के लिए एक मुक्तकक्ष प्रणाली के लिए विकसित की गई
    • भारत के विभिन्न राज्यों में 208 बेयरफुट तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया गया
    • संस्थापन ने बायोमास ऊर्जा से चलनेवाली एक सामुदायिक सिंचाई प्रणाली स्थापित की
  • राजीव गांधी इन्स्टीच्यूट ऑफ कंटेपररी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस)::
    • शोध-पत्र को समीक्षा के लिए संस्थापन की वेबसाइट पर डाला गया
    • आठ संगोष्ठियों और प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया जिनमें प्रमुख रहा- रिचर्ड एफ. सेलेस्टे द्वारा  दिया गया व्याख्यान ‘इंडो-यूएस रिलेशन्स: बिल्डिंग ए डायनैमिक पार्टनरशिप फॉर दी ट्वेन्टी-फर्स्ट सेंचुरी’ (भारत-अमेरिका संबंध: 21वीं सदी के लिए एक गतिशील भागीदारी का निर्माण) 

महिला शिक्षा पर सामाजिक वर्जनाओं को धता बताकर खुद को सशक्त करती हुई महिलाओं की इमेज सेंटर में ली गई तस्वीर

मोबाइल एड्स काउंसलिंग क्लिनिक जनसंवाद और बैठकों के माध्यम से एचआईवी एड्स के बारे में जागरूकता का प्रसार करते हैं

एशियन एज द्वारा प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट

2001-2002

  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
    • 16 से 24 जनवरी 2002 के बीच बीकानेर तहसील में एक ‘पानी पदयात्रा’ का आयोजन किया गया।
  • साक्षरता:
    • चार राज्यों में 36 नए पुस्तकालय स्थापित किए गए
    • दिल्ली राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के सहयोग से एक नई पहल शुरू की गई। दिल्ली के दो उच्च जोखिम वाले इलाकों- जी.बी. रोड और रेवला खानपुर में यह कार्यक्रम चलाया गया।
  • निःशक्त व्यक्तियों का कल्याण:
    • वास्तुकला परिषद और निःशक्तजनों के रोजगार के संवर्धन हेतु राष्ट्रीय केन्द्र के सहयोग से बाधा-मुक्त दिल्ली का एक खाका विकसित करने के लिए संस्थापन द्वारा एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया
  • महिला एवं बाल विकास:
    • संस्थापन ने कनाडा स्थित ‘कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग’ (सीओएल) नामक संस्था के सहयोग से लावारिस बच्चों के लिए काम करनेवाले गैर-सरकारी संगठन के कर्मचारियों के लिए दूरस्थ-शिक्षा सामग्री विकसित करने में मदद की
    • संस्थापन ने दिल्ली के रोहिणी इलाके में स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाने का कार्य किया
  • पंचायती राज:
    • राजस्थान के डूंगरपुर और बांसखेड़ा जैसे आदिवासी बहुल जिलों में आदिवासी महिला सरपंचों के लिए एक विशेष लैंगिकता केंद्रित प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया
    • मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से पंचायती राज संस्थाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रशिक्षण मॉड्यूल के पायलट परीक्षण पर चर्चा की गई
  • आतंकवाद पर सम्मेलन:
    • आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका के ‘युद्ध’ के निहितार्थ (विशेषकर दक्षिण एशिया और कश्मीर के संदर्भ में) विषय पर चर्चा के लिए एक उच्च स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया
  • राजीव गांधी इन्स्टीच्यूट ऑफ कंटेपररी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस):
    • आरजीआईसीएस के अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध श्रृंखला के अंतर्गत शोध-पत्र प्रकाशित किए गए
    • अंतर्राष्ट्रीय निर्धनता सप्ताह के उपलक्ष्य में यूएनडीपी के सहयोग से चतुर्थ डॉ. महबूब उल हक अंतर-विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया आयोजित किया गया।

तिपहिया मोटर वाहन प्राप्त करने के लिए पंक्तिबद्ध पुरस्कार विजेता

कैम्ब्रिज शोधार्थियों से मिलती हुईं संस्थापन अध्यक्ष

अमेठी में ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ कार्यक्रम

मार्च 2002 में उन्मुखीकरण दौरे पर संस्थापन आए हुए ग्रीन कोर के कुछ सदस्य

2002-2003

  • महिला एवं बाल विकास:
    • कश्मीर के बडगाम जिले में मनोवैज्ञानिक सहायता की एक पायलट परियोजना शुरू की गई
    • ‘कर्म मार्ग’ नाम के गैर-सरकारी संगठन को लकड़ी और लोहे के नये उत्पाद विकासित करने में संस्थापन ने मदद की
    • आजीविका के एक स्रोत के रूप में वंचित महिलाओं को जैविक उत्पादों के प्रसंस्करण का प्रशिक्षण देने के लिए इंफाल में ‘जिंजर’ (GINGER) परियोजना शुरू की गई
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन:
    • जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण के लिए 35 स्थलों की पहचान की गई; 33 स्थलों पर कार्य शुरू किया गया और 31 स्थलों पर कार्य पूरा किया गया
  • स्वास्थ्य:
    • फिक्की-एसईडीएफ के साथ साझेदारी में दिल्ली में एचआईवी एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने की परियोजना शुरू की गई
  • निःशक्त व्यक्तियों का कल्याण:
    • 6-16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के बीच सुनने के उपकरण वितरित किए गए।
  • स्मृति व्याख्यान, सम्मेलन एवं अन्य कार्यक्रम:
    • 3 अप्रैल, 2002 को संस्थापन ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति मेगावती सुकार्णोपुत्री का स्वागत किया जिन्होंने ‘रिडिस्कवरिंग दी एशियन आइडेन्टिटी’ (एशियाई अस्मिता की पुनर्खोज) विषय पर षष्ठ राजीव गांधी स्मृति व्याख्यान दिया
    • 17 अक्टूबर, 2002 को संस्थापन ने नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. अहमद एच. ज़िवेल का  स्वागत किया जिन्होंने नवम् राजीव गांधी विज्ञान और प्रौद्योगिकी व्याख्यान दिया
    • श्रीमती इंदिरा गांधी की 85वीं जयंती के उपलक्ष्य में संस्थापन ने एम.एफ. हुसैन द्वारा बनाई गई उनकी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई
    • 21 मार्च, 2003 को प्रो. नॉर्मन मायर्स ने चतुर्थ चौथा राजीव गांधी पर्यावरण व्याख्यान दिया

संस्थापन के न्यासी माननीय डॉ. मनमोहन सिंह और शेखर राहा

भूकंप पीड़ितों के लिए कश्मीर में राहत कार्य

प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन

2003-2004

  • निःशक्तजनों का कल्याण:
    • संस्थापन ने ‘एक्सेसिबल डेलही – ए रोडमैप 2003-2008’ (सुगम दिल्ली – एक खाका) नाम से एक दस्तावेज प्रकाशित किया जिसे दिल्ली सरकार ने कार्यान्वयन के लिए स्वीकार किया
    • लाइफ लाइन एक्सप्रेस (पटरियों पर अस्पताल) का पुनरुद्धार: छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में शिविरों का आयोजन
    • श्री राजीव गांधी 59वें जन्म दिवस पर श्रीमती सोनिया गांधी ने 15 महिलाओं समेत 30 व्यक्तियों को काइनेटिक होंडा स्कूटर भेंट किया
    • ह्युबर्ट एब्नर (इंडिया) प्रा. लिमिटेड और इंडियन रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आईआरटीई) ने साथ मिलकर निःशक्तजनों के लिए सुरक्षित ड्राइविंग पर एक कार्यशाला का आयोजन किया
    • नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड (एनएबी) को एक मोबाइल वैन प्रदान किया गया
    • नेत्रहीनों के लिए कार्य कर रही दिल्ली स्थित चार संस्थाओं को ब्रेलर वितरित किए गए
  • महिला एवं बाल विकास:
    • संस्थापन ने डॉ. ए. वी. बालिगा मेमोरियल ट्रस्ट करने को वित्तीय सहायता प्रदान की, जो कचरा चुननेवाली महिलाओं को बुनियादी शिक्षा और कला और शिल्प का प्रशिक्षण देती है
    • संस्थापन ने प्रवासी महिलाओं को कामचलाऊ साक्षरता और सिलाई कौशल प्रदान करने के लिए ‘कन्सर्न फॉर ह्यूमैनिटी’ एनजीओ को सहायता प्रदान दी
  • प्राकृतिक संसाधन का प्रबंधन:
    • कर्नाटक में ग्रीन कोर परियोजना के पहले वर्ष में 15 वॉलंटियर्स के लिए दो आवासीय और दो नियमित रूप से फ़ील्ड प्रशिक्षण सत्र बीदर में आयोजित किए गए
    • राजस्थान के करोली और पाली जिलों में 16 जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा हुआ
  • स्वास्थ्य:
    • एड्स पर जागरूकता फैलाने के लिए नौटंकी, कव्वाली और कठपुतली जैसी लोक कलाओं का इस्तेमाल किया गया
  • पंचायती राज:
    • 10 से 12 जनवरी, 2004 के बीच टास्क फोर्स ने निर्वाचित महिला पंचायती राज सदस्यों के प्रशिक्षण की जरूरत का आकलन करने के लिए इंटरैक्टिव कार्यशाला का आयोजन किया गया
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • बाजार में खुशबूदार आवश्यक तेलों के क्षेत्र में बहुत छोटे उद्यमों को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए छोटे किसानों को सक्षम करने हेतु सुगंधित पौधों का एक दो-वर्षीय पायलट प्रोजेक्ट देहरादून में शुरू किया गया
  • अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर सम्मेलन:
    • ‘नेशनल रीकन्स्ट्रक्शन इन ईराक़: व्हाट कूड इंडिया कन्ट्रीब्यूट’ (इराक में राष्ट्रीय पुनर्निर्माण: भारत इसमें क्या योगदान कर सकता है) विषय पर एक गोलमेज सम्मेलन संस्थापन में आयोजित किया गया
    • इन्सटीच्यूट ऑफ चाइनीज़ स्टडीज़ के सहयोग से ‘इंडिया एंड चाइना: ग्लोबल एंड रीजनल पर्सपैक्टिव्ह’ (भारत और चीन: वैश्विक और क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य) विषय पर संस्थापन में एक गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया

लाइफ लाइन एक्सप्रेस में ऑपरेशन थिएटर का मुआयना करती हुईं श्रीमती सोनिया गांधी

लाइफलाइन कैंप का उद्घाटन करती हुई श्रीमती सोनिया गांधी

इंटरएक्ट परियोजना के बच्चों के साथ बात करती हुईं हमारी न्यासी श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा

लाइफ लाइन एक्सप्रेस में चल रहा ऑपरेशन

2004-2005

  • महिला एवं बाल विकास:
    • आपदा राहत संबंधी प्रयास:
      • सुनामी में अनाथ हुए बच्चों की सहायता: सहायता के लिए 118 आदिवासी बच्चों की पहचान; संस्थापन ने 250 मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान करने वालों को प्रशिक्षित करने की एक रूपरेखा बनाई जिनकी सेवाएँ विभिन्न समुदायों को हमेशा उपलब्ध रहे
    • ‘इंटरएक्ट’ (INTERACT) परियोजना के तहत बाल विकास कार्यक्रम:
      • परियोजना ने ऐसे बच्चों के जीवन के पुनर्निर्माण की कोशिश की जिन्होंने अपने माता और पिता दोनों को ही आतंकवादी हमलों में खो दिया
      • जिन बच्चों ने स्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया उनको व्यावसायिक शिक्षा के लिए संस्थापन ने मदद की
      • श्रीनगर स्थित बाल परामर्श और मार्गदर्शन केन्द्र ने एक दोस्ताना और सकारात्मक माहौल में बच्चों को मनोचिकित्सकीय देखभाल प्रदान की
      • ‘इंटरएक्ट’ (INTERACT) परियोजना के बच्चों के लिए थिएटर, संगीत और परामर्श के साथ लोक कला, जीवन कौशल और नेतृत्व प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए कार्यशालाओं का आयोजन किया गय
      • दंगों में प्रभावित बच्चों की सहायता: 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान अनाथ 56 बच्चों को सहायता
      • ‘रीच’ (REACH) परियोजना (लावारिश बच्चों का पुनर्वास, शिक्षा और सहायता): लावारिश बच्चों के संरक्षण की दिशा में संस्थापन ने तीन गैर-सरकारी संस्थाओं- इंदौर स्थित आरंभ, भोपाल स्थित नित्या सेवा और फरीदाबाद स्थित कर्म मार्ग को सहायता दी
    • महिला विकास के कार्यक्रम:
      • झारखंड के बोकारो में महिलाओं के लिए आय सृजन कार्यक्रम।
      • मणिपुर के इम्फाल में§ अदरक प्रसंस्करण
      • दिल्ली की मलिन बस्तियों में आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं का कौशल विकास
      • महिलाओं के प्रति हिंसा का मुकाबला करने के लिए जागृति परियोजना की शुरुआत
      • कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों का सशक्तिकरण
      • राजीव गांधी महिला विकास परियोजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण
      • इंदिरा गांधी उड़न कला अकादमी (IGRUA) में प्रशिक्षण ले रही मेधावी महिलाओं छात्रवृत्ति
    • सामुदायिक विकास के कार्यक्रम:
      • जम्मू-कश्मीर में मनोचिकित्सकीय सहायता के कार्यक्रम
      • ज्ञान और जानकारी के माध्यम से वंचित समुदायों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कारवां (CARAVAN) परियोजना : करीब 300 छात्रों को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षा के लिए कोचिंग दी गई
      • एनजीओ कर्मचारियों के लिए दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से ‘एनजीओ मैनेजमेंट’ पर पाठ्य सामग्री का विकास
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन:
    • 41 ग्रामीण वॉलंटियरों की भर्ती कर ग्रीन कोर जल संचयन संरचनाओं की स्थापना
    • आवासीय और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण के माध्यम से वॉलंटियरों का क्षमता निर्माण
    • जल संचयन के लिए समुदाय प्रयासों का जुटान: राजस्थान के नौ जिलों के 33 गांवों में जल संग्रहण संरचनाओं की शुरुआत
    • राजस्थान में जयपुर जिले के जमवा रामगढ़ ब्लॉक में वाटरशेड का विकास: सामुदायिक भागीदारी, उपयुक्त प्रौद्योगिकी और ग्रामीण संस्थाओं की भागीदारी से  वहाँ के कुल फसल क्षेत्र में 50% वृद्धि हुई और फसल की उपज में 395 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, भूजल स्तर में भी वृद्धि हुई
    • राजस्थान के अन्य क्षेत्रों जैसे- दौसा, करोली और पाली में भी जल संचयन संरचनाएँ बनाई गईं
    • कर्नाटक के बीदर में वाटरशेड परियोजना
  • साक्षरता:
    • ग्रामीण और झुग्गी लाइब्रेरी प्रोजेक्ट: 22 राज्यों में 62 ग्रामीण और 76 झुग्गी पुस्तकालय स्थापित किए गए
    • जम्मू-कश्मीर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कार्यक्रमों की शुरुआत
    • बाला (BaLa) (बिल्डिंग एज़ ए लर्निंग एड) अथवा सीखने के उपकरण के रूप में भवन निर्माण का इस्तेमाल करते हुए शैक्षिक वातावरण में सुधार
    • ‘एज’ (EDGE) (सशक्तिकरण के लिए लड़कियों को शिक्षित करना) परियोजना के तहत बालिका शिक्षा
    • बच्चों के लिए पुस्तकें: 6 से 14 साल के बीच बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों का विकास और प्रकाशन
  • स्वास्थ्य:
    • स्वास्थ्य योजना और संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम
      • एचआईवी/एड्स की रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन
      • दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में राजीव गांधी मोबाइल एड्स काउंसेलिंग सर्व्हिसेज़ (RGMACS) शुरू की गई
      • एड्स की जांच करने के लिए रेड रिबन एक्सप्रेस परियोजना
      • क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम
    • स्वास्थ्य संवर्धन, सशक्तिकरण और विकास के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, किशोर स्वास्थ्य और नीतिगत एडवोकेसी:
      • स्वास्थ्य के मुद्दों पर स्थानीय लोक कलाकारों को शामिल करते हुए ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ की रणनीति, नई दिल्ली के सुल्तानपुर और भाटी माइंस इलाकों में शुरू की गई
    • मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम की, 1994 विषय पर राष्ट्रीय नीतिगत वार्ता
  • निःशक्त व्यक्तियों के कल्याण:
    • लाइफलाइन एक्सप्रेस (एलएलई): पोलियो, आंख और कान संबंधी विकारों के लिए मोबाइल ट्रेन अस्पताल में सर्जरी
      • रेवाड़ी में एलएलई शिविर
      • बछरवान में एलएलई शिविर
      • ओडिशा के जे.के. रोड में एलएलई शिविर
    • अस्थिजन्य निःशक्तता से ग्रस्त लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगस्त महीने में 75 मोटर चालित वाहनों का वितरण किया गया
    • श्रवणता-विकार से ग्रस्त बच्चों के लिए ससमय हस्तक्षेप कार्यक्रम
    • सुगम दिल्ली परियोजना (एक्सेसिबल डेलही प्रोजेक्ट)
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सुगंधित पौधा परियोजना, 150 किसान लाभान्वित
  • छात्रवृत्ति:
    • कैम्ब्रिज कामनवेल्थ ट्रस्ट और राजीव गांधी फाउंडेशन (यूके) के सम्मिलित प्रयास से राजीव गांधी ट्रैवलिंग स्कॉलरशिप प्रोग्राम के अंतर्गत 1996 के बाद से 170 शोधार्थियों को वित्तीय सहायता
    • कैम्ब्रिज छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता
  • राजीव गांधी इन्स्टीच्यूट ऑफ कंटेपररी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस):
    • शोधपरक गतिविधियाँ: अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध श्रृंखला के तहत संस्थान ने विभिन्न शोध-पत्र प्रकाशित किए
    • स्कूलों में गतिविधियाँ
    • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मित्रवत संपर्क हेतु चीनी एसोसिएशन
  • पंचायती राज:
    • प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया
    • जमीनी स्तर पर लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य

जल संचयन संरचना के पूरा होने पर एक समारोह में भाग लेते ग्रामीण

राजीव गांधी मोबाइल प्राथमिक स्वास्थ्य क्लिनिक का उद्घाटन करती हुईं श्रीमती सोनिया गांधी

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में प्रशिक्षण ले रहीं दो मेधावी पायलटों में प्रत्येक को 2 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई

रेड रिबन एक्सप्रेस

उपचार के लिए हर्बल और किचन गार्डन को बढ़ावा

प्रोजेक्ट ‘रीच’

लेमन ग्रास की अपनी उपज को तौलते किसान

न्यासी बोर्ड की वार्षिक बैठक

7वीं डॉ. महबूब उल हक इंटर स्कूल डिबेट

2005-2006

  • जम्मू-कश्मीर में भूकंप राहत:
    • भूकंप के तत्काल बाद गहनता से राहत सामग्री का वितरण किया गया जो कई महीनों तक जारी रहा; बच्चों के लिए कार्यक्रमों की एक श्रृंखला भी शुरू की गई
  • महिला एवं बाल विकास:
    • महिला एवं स्वच्छता: संस्थापन में एक दो-दिवसीय कार्यशाला आयोजित किया गया
    • इंटरएक्ट-I और इंटरएक्ट-II जैसे बाल सहायता कार्यक्रम: आतंकवादी घटनाओं से अनाथ हुए 56 बच्चों को वित्तीय सहायता के लिए चुना गया
    • सुनामी राहत और पुनर्वास कार्यक्रम
    • राजीव गांधी महिला विकास परियोजना जैसे गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रम शुरू किए गए: महिलाओं के लिए आय सृजन के कुछ कार्यक्रम इस प्रकार थे- अदरक प्रसंस्करण, सब्जी की खेती, बांस की खेती, खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण, कपड़ा सिलाई का प्रशिक्षण
    • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़न अकादमी (IGRUA) की महिला पायलट प्रशिक्षुओं को छात्रवृत्ति
  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
    • राजस्थान में 19 जल-संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा किया गया
    • ‘राजस्थान में प्राकृतिक संसाधनों के स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ करने’ की परियोजना जयपुर जिले के तीन पंचायतों में शुरू की गई
    • फ़ील्ड-कर्मियों और समुदाय के सदस्यों के लिए 14 प्रशिक्षण और एक्सपोजर विज़िट आयोजित किए गएs
    • 18 जल-संग्रहण संरचनाओं, 12 गेबियन संरचनाओं और 12,813 मीटर के लगातार बोल्डर बांध का निर्माण
  • स्वास्थ्य:
    • एड्स/एचआईवी कार्यक्रम
      • पूर्वोत्तर क्षेत्र में 120 सामान्य चिकित्सक और 80 एनजीओ के प्रतिनिधियों को एचआईवी/एड्स के प्रबंधन, रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रशिक्षण दिया गया
      • दिल्ली में 40 स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और 15 युवा समूहों को एचआईवी/एड्स और संक्रामक यौन रोगों पर प्रशिक्षण दिया गया
      • महाराष्ट्र में राजीव गांधी मोबाइल एड्स परामर्श सेवाओं का विस्तार कर इसे सोलापुर और पुणे में भी शुरू किया गया
    • महिलाओं और किशोरियों को सशक्त बनाने के लिए और हरियाणा में लिंग अनुपात में गिरावट में सुधार करने के लिए कुरुक्षेत्र जिले में अभिभावकता अभियान शुरू किया गया
    • टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 19008 व्यक्तियों की जांच की गई
  • शिक्षा और साक्षरता:
    • 21 राज्यों में 1322 ग्रामीण और झुग्गी पुस्तकालय स्थापित किए गए
    • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कश्मीर पहल के तहत सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के साथ भागीदारी में जम्मू-कश्मीर के 12 जिलों के 120 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया
    • सर्व शिक्षा अभियान के साथ मिलकर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के लिए बच्चों के लिए स्कूल निर्माण में अनुकूल डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए ‘बिल्डिंग एज़ ए लर्निंग एड’ (BaLa) कार्यक्रम की शुरूआत की गई
    • बच्चों के लिए हिन्दी और छह अन्य भाषाओं में 23 किताबें प्रकाशित की गईं
    • ‘एज’ (EDGE) परियोजना के तहत 428 मुस्लिम बालिकाओं के लिए शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का कार्य शुरू किया गया
  • निःशक्तजनों का कल्याण:
    • निःशक्तता के कारणों की रोकथाम के लिए ‘हेल्थ वाच’ परियोजना चलाई गई
    • ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में गतिशीलता शिविरों का आयोजन किया गया
    • शिक्षा और रोजगार के लिए प्रशिक्षण:
      • विकलांग महिलाओं के लिए उद्यमिता कौशल कार्यक्रम शुरू किया गया; उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों का विपणन किया गया
      • 30 बच्चों को श्रवणता उपकरण प्रदान किए गए और नेत्रहीनों के बीच काम करनेवाले दिल्ली स्थित दो संगठनों को 5 ब्रेलर प्रदान किए गए
      • अस्थिजन्य निःशक्तता से पीड़ित लोगों के बीच 100 मोटर चालित वाहनों का वितरण किया गया
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • 204 लाभार्थियों के साथ देहरादून में एरोमेटिक प्लांट (सुगंधित पौध) परियोजना शुरू की गई
    • सुगंधित पौधों के क्षेत्र में अतिलघु कृषिगत उद्यमों को बढ़ावा देने के माध्यम से गरीबी उन्मूलन
    • सतत् खाद्य उत्पादन, सुरक्षित आजीविका और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जीन कैंपेन आयोजित किए गए
  • छात्रवृत्ति:
    • राजीव गांधी यात्रा छात्रवृत्ति कार्यक्रम 
    • कैम्ब्रिज छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता
    • राजीव गांधी साइंस टैलेंट रिसर्च फैलोशिप
  • राजीव गांधी इन्स्टीच्यूट ऑफ कंटेपररी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस):
    • अप्रैल 2005 से मार्च 2006 की अवधि के दौरान आरजीआईसीएस ने कई सेमिनार और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन
    • ‘प्रिया’ संस्था के साथ मिलकर आरजीआईसीएस ने राज्य वित्त आयोग की वर्तमान स्थिति विषय पर चर्चा के लिए एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया; प्रतिभागियों में डॉ. सी रंगराजन, प्रोफेसर अभिजीत सेन और कई अन्य सम्मानित विद्वान शामिल थे
    • आरजीआईसीएस ने एक शोध-पत्र पर कार्य किया जिसका विषय था- ‘इंपैक्ट ऑफ सैनिटरी मेजर्स ऑन एक्सपोर्ट ऑफ फिशरी प्रोडक्ट्स फ्रॉम इंडिया: दी केस ऑफ केरला’ और ‘एन एनालिसिस ऑफ सिवरेंस पे पॉलिसीज़ इन इंडिया एंड श्रीलंका’ (‘भारत से मत्स्य उत्पादों के निर्यात पर स्वच्छता उपायों के प्रभाव: केरल का संदर्भ’ और ‘भारत और श्रीलंका में रोजगारच्युति वेतन नीतियों का एक विश्लेषण) 
    • आरजीआईसीएस के प्रकाशनों में शामिल थे- ‘इकॉनॉमिक फ्रीडम फॉर स्टेट्स इन इंडिया 2005′ और ‘लैंड यूज़ बाय दी पूअर इन डेलही: इशूज़ ऑफ फज़्ज़ी ओनरशिप’ (2005 में भारत के राज्यों की आर्थिक स्वतंत्रता’ और ‘दिल्ली में गरीबों द्वारा भूमि उपयोग: अस्पष्ट स्वामित्व के मुद्दे)

कैम्ब्रिज शोधार्थियों से मिलते हुए हमारे न्यासी श्री राहुल गांधी

बोकारो में महिलाओं के लिए आय सृजन का कार्यक्रम

कार्मेल कॉन्वेंट-चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ स्कूल का पुरस्कार प्रदान करते हुए हमारे न्यासी श्री पी. चिदंबरम

जम्मू-कश्मीर में भूकंप राहत के कार्य

स्कूल की चारदीवारी को गणित सीखने के एक उपकरण में बदला जाना

पंचायती राज 2005

आय सृजन कार्यक्रम के तहत महिलाओं के लिए सिलाई की इकाई

ग्रामीण अहमदाबाद के एक पुस्तकालय में बच्चों की कार्यशाला शुरू होने से पूर्व घुलने-मिलने के लिए मनोरंजक क्रियाकलाप

2006-2007

  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
    • डांग क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में एक किसान सम्मेलन आयोजित किया गया
    • 11 गांवों में 12 नई जल-संग्रहण संरचनाएँ बनाई गईं
    • बीदर जिले में एक वाटरशेड परियोजना शुरू की गई
  • साक्षरता और शिक्षा:
    • शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा करने के लिए अप्रैल 2006 में जम्मू में ‘जम्मू-कश्मीर में बाल केंद्रित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर’ विषय पर एक बैठक आयोजित की गई
    • ‘श्रीनगर की खोज’ शीर्षक से पांच कार्यशालाओं की एक श्रृंखला का आयोजन किया गया
    • नवोदित लेखकों के लिए एक रचनात्मक लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें 25 लेखकों ने शिरकत की और इसका उद्घाटन कश्मीर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अब्दुल वाहिद ने किया
    • श्रीनगर के टैगोर हॉल में एक बाल फिल्म महोत्सव आयोजित किया गया; 10 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्में प्रदर्शित की गईं
    • दरख़्त-ए-इल्म परियोजना के तहत इलाके से 10 युवा शिक्षकों ने मुंबई में जोगेश्वरी के विभिन्न मुहल्लों में कक्षाओं का आयोजन किया
  • महिला एवं बाल विकास:
    • मणिपुर में बच्चों के लिए एक तीन-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें संगीत, नृत्य, माइम शो और योग पर सत्र हुए; इसके उपरांत कैरियर मार्गदर्शन पर भी एक संक्षिप्त सत्र किया गया
    • अंडमान और निकोबार द्वीप के सुनामी प्रभावित बच्चों के लिए एक तीन-दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया; बच्चों ने दौड़, सैक और लेमन-एंड-स्पून दौड़ के साथ ही पेंटिंग का भी भरपूर आनंद उठाया
  • स्वास्थ्य:
    • महिलाओं और किशोरियों को सशक्त बनाने हेतु हरियाणा में लिंग अनुपात में गिरावट में सुधार करने के लिए कुरुक्षेत्र जिले के पाँच ब्लॉकों में कुशल अभिभावकता अभियान (स्मार्ट पैरेंटहुड कैंपेन) शुरू किया गया
    • पढ़ाई छोड़ चुके किशोरों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें जीवन कौशल प्रदान करने हेतु एक व्यापक पांच-दिवसीय इंटरैक्टिव कार्यशाला आयोजित की गई
  • निःशक्तजनों का कल्याण:
    • निःशक्तजनों को ‘जयपुर फुट’ कहे जानेवाले हस्तनिर्मित कृत्रिम पैर और निचले कृत्रिम अंग प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में दो गतिशीलता शिविरों का आयोजन
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • देहरादून में सुगंधित पौधा परियोजना के अंतर्गत एक फ़ील्ड डिस्टिलेशन यूनिट स्थापित कर किसानों को सौंपा गया।
  • मेमोरियल व्याख्यान:
    • कैम्ब्रिज स्थित मास्टर ऑफ ट्रिनिटी कॉलेज और रॉयल सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. लॉर्ड मार्टिन रीस द्वारा वार्षिक राजीव गांधी विज्ञान और प्रौद्योगिकी व्याख्यान दिया गया
    • शांति के लिए 2004 की नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. वंगारी म्यूटा मथाई ने नई दिल्ली में अष्टम राजीव गांधी स्मृति व्याख्यान दिया।

पुरस्कृतों को तिपहिया मोटर वाहन प्रदान करतीं हमारी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी

महिला पायलटों को पुरस्कृत करते संस्थापन के न्यासी डॉ. व्ही. कृष्णमूर्ति

मणिपुर में इंटरएक्ट परियोजना के बच्चों के लिए एक माइम (मूक अभिनय) शो

बाल फिल्म महोत्सव और ‘डिस्कवरिंग श्रीनगर’ कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रदर्शन करतीं बालिकाएँ

2007-2008

  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
    • जयपुर जिले के जमवा रामगढ़ ब्लॉक में 11 जल-संग्रहण संरचनाओं और एक बावड़ी का निर्माण किया गया
    • कृषि के अभिनव तरीकों जैसे ‘फव्वारा प्रणाली’ शुरू की गई और नवाचारी तकनीकों के बारे में किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए थाली गांव में एक ‘किसान मेला’ आयोजित की गई
    • जिन गाँवों में 4-5 किमी दूरी के भीतर प्राथमिक स्कूल नहीं थे वहाँ जीवनशाला के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा का कार्यक्रम शुरू किया गया
  • शिक्षा और साक्षरता:
    • इस वर्ष के दौरान लाइब्रेरी परियोजना के तहत 53 नए पुस्तकालय खोले गए; पुस्तकालयाध्यक्षों के प्रशिक्षण के साथ ही इस कार्यक्रम में मनोरंजन और साहित्यिक गतिविधियाँ भी शामिल की गईं
    • हैदराबाद में परियोजना ‘एज’ (EDGE) और मुंबई में दरख़्त-ए-इल्म परियोजना के माध्यम से मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर बल दिया गया
    • ‘प्रोजेक्ट सक्षम’, ‘प्रोजेक्ट चेतना’ और  क्वालिटी ऑफ एजुकेशन कार्यक्रम के माध्यम से संस्थापन ने मुस्लिम लड़कियों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल दिया
    • बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं जैसे- ‘प्रोजेक्ट विज़न’ को आगे बढ़ाया गया
    • कश्मीर में विभिन्न पहल:
      • बारामूला में ग्रामीण पुस्तकालयों के साथ ही श्रीनगर में एक समुदायिक पुस्तकालय स्थापित किया गया
      • ‘डिस्कवर कश्मीर’ नाम की छात्र कार्यशालाओं की एक श्रृंखला का फ़ील्ड परीक्षण इस वर्ष के छात्रों के बीच किया गया
      • रचनात्मक लेखन के लिए पुरस्कार दिया गया
      • एक बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया
    • ‘सोसायटी फॉर ऑल राउंड डेवलपमेंट’ (SARD) नाम की एक एकीकृत विकास परियोजना राजस्थान में शुरू की गई
    • कर्नाटक में कथा-वाचन कार्यशालाओं का आयोजन: करीब 4,645 पुस्तकालयाध्यक्षों और शिक्षकों के लिए 10 ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया
    • स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या को कम करने के लिए विद्या ज्ञान छात्रवृत्ति शुरू की गई
  • महिला एवं बाल विकास:
    • ‘इंटरएक्ट’ परियोजना: संस्थापन ने 752 बच्चों की स्कूली शिक्षा में मदद की और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए 12,000 रुपये के भत्ता प्रदान किया गया
    • ‘इंटरएक्ट-II’: संस्थापन ने वर्ष 2007-08 में 19 बच्चों का चयन किया, बच्चों की संख्या कुल मिलाकर 42 पहुँची 
    • सुनामी के बाद सहायता कार्य शुरू किए गए जिसके तहत बच्चों को सहायता के कार्यक्रम शुरू किए गए जिनमें अंडमान और निकोबार द्वीप के सुनामी प्रभावित बच्चों के लिए कार्यशालाएं भी शामिल
    • ‘प्रोजेक्ट रीच’ जैसे बाल संरक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए
    • नीमराना और जोधपुर में बाल विकास केंद्रों की स्थापना की गई
    • ओडिशा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में माइक्रोफाइनेंस और क्षमता निर्माण के माध्यम से महिला विकास का कार्य किया गया
    • 34 महिला कैडेटों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई
  • निःशक्तजनों का कल्याण:
    • गतिशीलता और चिकित्सकीय पुनर्वास के माध्यम से आत्म निर्भरता: हमारे दान-दाताओं की मदद से संस्थापन ने अस्थिजन्य निःशक्तता से पीड़ित व्यक्तियों को 150 वाहन प्रदान किए
    • लाइफ लाइन एक्सप्रेस शिविर और गतिशीलता शिविरों का आयोजन किया गया और शारीरिक रूप से निःशक्त लोगों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट हेल्थ वाच’ शुरू किया गया
    • शारीरिक रूप से निःशक्त महिलाओं को शिक्षित करने और प्रशिक्षण तथा रोजगार देने का लक्ष्य उन्हें स्क्रूपाइन शिल्प और ऑयस्टर मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के माध्यम से प्राप्त किया गया
  • स्वास्थ्य:
    • राजीव गांधी मोबाइल एड्स काउंसेलिंग सर्विसेज़ (RGMACS): मुंबई में प्रदर्शनियों के माध्यम से 50,000 लोगों तक पहुँचा गया, 7,652 व्यक्तियों को सामूहिक और 2,901 को व्यक्तिगत रूप से सलाह दी गई
    • कई अन्य स्वास्थ्य पहल जैसे ‘सेव दी किडनी इनिशिएटिव’, हेल्थ फॉर ऑल, स्मार्ट पैरेंटहुड कैंपेन, रेड रिबन एक्सप्रेस, कम्यूनिटी एड सपोर्ट और दंत चिकित्सा शिविरें सफलतापूर्वक आयोजित की गईंx
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी:
    • टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक जैव संसाधन संरक्षण परियोजना शुरू की गई; पौध-आधारित कीटनाशकों के उपयोग को प्रोत्साहन दिया गया
    • सुगंधित पौधों की खेती और प्रसंस्करण परियोजना के तहत किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न कार्यशालाएँ आयोजित की गईं
  • छात्रवृत्ति:
    • विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रमों जैसे राजीव गांधी ट्रैवलिंग स्कॉलरशिप प्रोग्राम, राजीव गांधी साइंस टैलेंट रिसर्च फैलोशिप, और कैम्ब्रिज स्कॉलरशिप को कार्यरूप दिया गया
  • राजीव गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ कंटेपरेरी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस)
    • इस संस्थान का अपना एक नया स्वतंत्र वेबसाइट www.rgics.org बनाया गया जो संस्थापन के मुख्य वेबसाइट (www.rgfindia.com) से जुड़ा हुआ है।
    • अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों को केन्द्र में लाने पर बल दिया गया स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच के एसपीएस और टीबीटी समझौतों के प्रभाव पर विचार-विमर्श हुए
    • 2007-08 में आरजीआईसीएस की अन्य पहल
      • आरजीआईसीएस पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप
      • भारत-चीन अध्ययन
      • डॉ. महबूब उल हक़ मेमोरियल इंटर स्कूल वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
    • इस अवधि के दौरान हुए प्रकाशनों में शामिल हैं- ‘वीमेन राईट्स: एक्सेस टू जस्टिस (महिला अधिकार: न्याय तक पहुँच), ‘ईकॉनॉमिक फ्रीडम इन इंडिया एंड चाइना’ (भारत और चीन में आर्थिक स्वतंत्रता), और ‘रिफ्लेक्शन्स: पीपुल्स फोरम, 2007 (पीपुल्स फोरम: एक चिंतन 2007)
    • ‘ट्राइबल वेलफेयर थ्रू पंचायत्स: दी एक्सपीरियंस ऑफ पेसा इन ओरिसा’ (पंचायतों के माध्यम से आदिवासी कल्याण: ओडिशा में पेसा अधिनियम के अनुभव) पर वर्किंग पेपर तैयार किए गए।

सार्क इंटर स्कूल डिबेट

नई दिल्ली में रेड रिबन एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया जा रहा है

तुमकुर में ‘रीड’ कार्यक्रम से जुड़े विशेषज्ञ छात्रों से स्वच्छता विषय पर बातचीत करते हुए

बाल फिल्म महोत्सव और ‘डिस्कवरिंग श्रीनगर’ कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रदर्शन करतीं बालिकाएँ

विद्याज्ञान छात्रवृत्ति का अपना पहला बैंक ड्राफ्ट प्राप्त करती हुई छात्रा

अहमदाबाद का एक पुस्तकालय

इंटरएक्ट परियोजना के अंतर्गत गतिविधियाँ

दंत चिकित्सा शिविर, अमेठी

2008-2009

  • शिक्षा और साक्षरता:
    • ग्रामीण और झुग्गी पुस्तकालय परियोजना के तहत बिहार में 52 नए पुस्तकालय बिलासपुर में 10 और उत्तर प्रदेश में 24 पुस्तकालय स्थापित किए गए
    • किशोरियों के लिए हैदराबाद में चार शिक्षा केन्द्र चलाने के लिए ‘प्रोजेक्ट एज’ (EDGE) शुरू किया गया
    • मुस्लिम बहुल इलाकों में बालिकाओं और महिलाओं को शैक्षिक सहायता प्रदान करने के लिए दरख़्त-ए-इल्म परियोजना शुरू की गई
    • वाराणसी में ‘प्रोजेक्ट विज़न’ और राजस्थान में ‘इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ और ‘प्रोजेक्ट चेतना केन्द्र’ शुरू किए गए
    • कश्मीर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहल: ‘डिस्कवरिंग कश्मीर’ शीर्षक से पूरी घाटी के शिक्षकों  के लिए प्रासंगिक एक पुस्तिका तैयार की गई
    • मार्च 2009 में एक चार-दिवसीय बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया, इसके अलावा वर्ष 2008-09 के दौरान रचनात्मक लेखन के लिए पुरस्कारों की भी शुरुआत हुई
  • छात्रवृत्ति:
    • ‘इंटरएक्ट-I’ और ‘इंटरएक्ट-II’ को जारी रखा गया और इस कार्यक्रम के तहत संस्थापन ने 1697 बच्चों की सहायता की
    • संस्थापन ने दंगों पीड़ित और सुनामी प्रभावित बच्चों की भी सहायता की
    • दलित और मुस्लिम लड़कियों के बीच स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने के लिए विद्या-विज्ञान स्कॉरशिप प्रोग्राम शुरू किया गया.
    • राजीव गांधी ट्रैवेलिंग स्कॉलरशिप, कैम्ब्रिज स्कॉलरशिप और वित्तीय सहायता।
  • महिला एवं बाल विकास:
    • बाल संरक्षण कार्यक्रम:
      • मध्य प्रदेश में ‘प्रोजेक्ट रीच’
      • राजस्थान में बाल विकास केंद्र
      • बालिकाओं की शिक्षा के लिए मणिपुर में गरीबी उन्मूलन के पहल किए गए
    • माइक्रोफाइनेंस और क्षमता निर्माण के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण:
      • उत्तर प्रदेश में राजीव गांधी महिला विकास परियोजना
      • उत्तराखंड में सब्जियों की खेती के माध्यम से महिलाओं के लिए आजीविका कार्यक्रम
      • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण कार्यक्रम
      • उत्तर प्रदेश में ‘प्रोजेक्ट स्वावलंबिनी’
      • बिहार में बांस शिल्प के माध्यम से मुसहर जाति की महिलाओं के लिए § आजीविका परियोजना
      • छत्तीसगढ़ में बैगा जनजाति की महिलाओं के बीच §स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के गठन और कौशल विकास
  • स्वास्थ्य और निःशक्तता:
    • गतिशीलता का संवर्धन:
      • अस्थिजन्य निःशक्तजनों के लिए मोटरचालित वाहन वितरण: हमारे दानदाताओं के सहयोग से 100 व्यक्तियों को वाहन दिए गए
      • निःशक्तजनों को कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए गतिशीलता शिविर (मोबिलिटी कैंप) आयोजित किए गए
    • शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार::
      • स्क्रूपाईन शिल्प का निर्माण और उसका विपणन
    • ‘एक्सेसिबल डेलही प्रोजेक्ट’ (सुगम दिल्ली परियोजना) के माध्यम से निःशक्तजनों के अनुकूल वातावरण को बढ़ावा
    • लाइफ लाइन एक्सप्रेस कैंप
      • एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता और उसका प्रबंधन
      • निःशक्तजनों के लिए समावेशिकता बढ़ाने के प्रति जागरूकता और पैरोकारी
      • निःशक्तता के मुद्दों पर कानूनी साक्षरता और ‘प्रोजेक्ट हेल्थ वाच’
      • निःशक्तजनों के लिए सामुदायिकता आधारित पुनर्वास कार्यक्रम जिनमें ‘लैंडमाइन सर्वाइवर्स एसिस्टेंस प्रोग्राम’ भी शामिल
      • हिमाचल प्रदेश में ‘सेव द किडनी इनिशिएटिव’, रेड रिबन एक्सप्रेस और मोबाइल टीबी क्लिनिक 
    • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
      • स्थानीय स्वशासन के माध्य से प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन को सुदृढ़ करना
      • आजीविका के विकल्पों में सुधार जिसमें मिट्टी और जल संरक्षण के माध्यम से कृषि उत्पादन बढ़ाना भी शामिल
      • कृषि के नवाचारी तरीकों जैसे- प्रदर्शनीय खेत, बागवानी इकाइयाँ, फार्म तालाब और पानी की बचत वाले तकनीकों को शामिल किया गया
      • करोली और पाली जिलों में जल-संग्रहण की पहल
      • करोली जिले के सपतोरा ब्लॉक के राहिर गाँव में वाटरशेड विकास का कार्य शुरू किया गया
    • राजीव गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ कंटेपररी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस):
      • अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध:
        • दो सम्मेलन आयोजित, एक नई दिल्ली में और दूसरा बीजिंग में; पहले सम्मेलन का विषय था- ‘एक्सप्लोरिंग सिनर्जीज़ इन ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट’ (व्यापार और निवेश में सहयोग की तलाश) और दूसरा सम्मेलन वित्तीय मुद्दों पर केंद्रित था
      • संस्थान ने निम्नलिखित विषयों पर अध्ययन भी संचालित किए:
        • भारत के राज्यों के लिए §आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक
        • भारत में बौद्धिक पूंजी: राज्यों का योगदान
      • अन्य वार्षिक गतिविधियों जैसे, आरजीआईसीएस पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप, इंडिया-चाइना स्टडीज़ और डॉ. महबूब उल हक इंटर स्कूल डिबेट इत्यादि की जारी रखा गया।

जोधपुर में पुस्तक यात्रा

ग्रामीण पुस्तकालय में किताबें पढ़ती हुईं बालिकाएँ

शिक्षा और साक्षरता

आंध्र प्रदेश में इंटरएक्ट कार्यशाला में योग सीखते हुए बच्चे

करोली में जीवनशाला की कक्षा चलती हुई

खनन जोखिम शिक्षण कार्यशाला

ग्रामीण पुस्तकालय में ग्लोब पर भारत को ढूंढ़ने का प्रयास करतीं बुजुर्ग महिलाएँ

2009-2011

  • शिक्षा और साक्षरता:
    • ‘नुक्कड़ नाटक’ का प्रदर्शन किया गया और जुआ की समस्या को नाटकीय तरीके से प्रस्तुत करने के लिए पोस्टरें बनाई गईं
    • नीमराना स्थित बाल विकास केंद्र ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता शिविरों का आयोजन किया और नियमित रूप से मध्याह्न भोजन प्रस्तुत किया
    • वाराणसी में 55 बालिकाओं के लिए एक नेतृत्व कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसे अभिनेत्री एवेरी चौरे और गायिका अमृता दास ने संचालित किया
    • 30 जीवनशालाएँ चलाई गईं
    • नौ नए चिल्ड्रन लर्निंग सेंटर (CLC) स्थापित किए गए
    • इंटरएक्ट (INTERACT) परियोजना के तहत असम में बच्चों के लिए पहला तीन-दिवसीय कार्यशाला आयोजित किया गया
    • लखनऊ में एक तीन-दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया
    • आरजीटीएसपी (RGTSP) कार्यक्रम के तहत 2009-10 में ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के 20 छात्रों और वर्ष 2010-11 में 19 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
  • स्वास्थ्य और निःशक्तता:
    • संस्थापन ने श्रवणता-विकार से ग्रसित बच्चों के लिए एक परियोजना के लिए वड़ोदरा, गुजरात में ‘अक्षर ट्रस्ट’ को सहायता दी
    • लाइफ लाइन एक्सप्रेस ने पश्चिम बंगाल और बिहार में दो शिविरों का आयोजन किया
    • 2009-10 में 200 और 2010-11 में 150 मोटरचालित तिपहिया वाहन निःशक्तजनों को प्रदान किया गया
  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
    • 2009-11 में  BAIF के साथ साझेदारी में दो प्रजनन केन्द्रों का संचालन किया गया
  • राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेपरेरी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस):
    • ‘रूल ऑफ लॉ इन इंडिया’ परियोजना का प्रथम चरण पूरा होने पर 9 दिसम्बर, 2009 को भारत में कानून के शासन विषय पर जवाहर भवन में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया; संगोष्ठी का उद्घाटन कानून मंत्री डॉ. एम. वीरप्पा मोइली ने किया
    • ‘ट्रेड फैसिलिटेशन इन साउथ एशिया’ पर एक परियोजना की निगरानी आरजीआईसीएस के एसोसिएट निदेशक डॉ. पी. डी. कौशिक द्वारा की गई
    • आरजीआईसीएस के फेलो मोहम्मद साकिब ने ‘इंडिया-चाइना फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (भारत-चीन: मुक्त व्यापार समझौते- एफटीए) की एक व्यवहार्यता का अध्ययन किया
    • 12वाँ डॉ. महबूब उल हक इंटर स्कूल डिबेट ‘करप्शन पुट्स दी ब्रेक ऑन डेवलपमेंट; वीमेन सफर दी कन्सीक्वेसेज़’ (भ्रष्टाचार विकास पर रोक लगा देता है; महिलाओं को परिणाम भुगतना पड़ता है) विषय पर आयोजित किया गया
    • मिल्टन फ्राइडमैन इंटर कॉलेज डिबेट की मेजबानी दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस डिबेट सोसायटी ने की। इसका विषय था- ‘बाजार असमानताओं को समाप्त कर देता है’

12वीं डॉ. महबूब उल हक़ मेमोरियल इंटर स्कूल डिबेट

विद्याज्ञान छात्रवृत्ति कार्यक्रम में बालिकाओं पर विशेष ध्यान

शैक्षणिक शासन का विकेन्द्रीकरण

2011-2012

  • परिवर्तनकारी शिक्षण:
    • अभिभावक-शिक्षक बैठकें तथा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गईं
    • जवाहर भवन में वंडररूम स्थापित किया गया 
    • 2011-12 में संस्थापन की टीम ने पिछले वर्षों के ‘एक्सेस टू ऑपॉर्च्यूनिटीज़’ में पुरस्कृत लोगों के घरों का दौरा किया और उनके जीवन की उन प्रेरणादायक कहानियों से रूबरू हुए जो इस कार्यक्रम को इतना सार्थक बनाता है
  • संस्थापन ने आपात स्थिति में एम्बुलेंस सेवा प्रदान करने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू किया जिससे गर्भवती महिलाएँ संस्थागत प्रसव का लाभ उठा सकें
  • राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेपररी स्टडीज़:
    • 19 अक्टूबर, 2011 को एक सम्मानित पैनल ने आरजीआईसीएस के 20वीं वर्षगांठ व्याख्यान का संचालन किया, जिसका विषय था- ‘ग्लोबलाईजेशन, जस्टिस एंड राईट्स’ (वैश्वीकरण, न्याय और अधिकार)
    • आरजीआईसीएस में ‘रीजनल डेवलपमेंट इन इंडिया: ए क्रिटिकल ईवैल्यूएशन’ (भारत में क्षेत्रीय विकास: एक समालोचनात्मक मूल्यांकन) विषय पर एक चिंतन सत्र आयोजित किया गया

इंटरएक्ट – एक्सेस टू ऑपॉर्च्यूनिटीज़

चिल्ड्रन लर्निंग सेंटर

2012-2013

  • डिसेन्ट्रलाइजेशन ऑफ एजुकेशन गवर्नेंस (डीईजी) का विकेंद्रीकरण:
    • स्कूलों में परिवर्तन लाने में समुदाय की भागीदारी की संभावना को दर्शाने के लिए चित्रकूट जिले में तीन फॉलो-अप कार्यशालाओं का आयोजन किया गया
    • LEGD स्कूलों तक पहुँच प्रदान करने के लिए एक वेब आधारित एप्लिकेशन सक्रिय किया गया
  • ट्रांसफॉर्मेटिव लर्निंग (टीएल):
    • आंध्र प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षकों के लिए उन्मुखीकरण सत्र आयोजित किए गए जिनमें शिक्षकों ने छात्रों के सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि और छात्रों की दुनिया और उनकी स्कूली शिक्षा बीच रचनात्मक जुड़ाव की कमी पर चर्चा की
    • सतत व्यापक मूल्यांकन (कन्टीन्यूअस कॉम्प्रीहेंसिव इवैल्यूएशन, सीसीई) पर चर्चा करने के लिए संस्थापन की टीम ने शिलांग का दौरा किया
    • सीखने संबंधी निःशक्तता की विशेषज्ञ सुश्री सोन्या फिलिप द्वारा वंडररूम के लिए एक भाषा विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया
    • विस्तार के नाम से ‘चिल्ड्रन्स लर्निंग स्पेसेज़’ सीएलएस की अवधारणा को आकार दिया गया जिससे औपचारिक स्कूली शिक्षा और बच्चों के सीखने की क्षमता के बीच की खाई को पाटा जा सके
    • ‘इंटरएक्ट’ परियोजना
      • शारीरिक रूप से निःशक्तजनों की गतिशीलता में सुधार के लिए ‘एक्सेस टू ऑपॉर्च्यूनिटीज़’ कार्यक्रम की शुरुआत 1992 में की गई थी; पहले साल में केवल एक मोटरवाहन प्रदान करने से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 2012 में 450 वाहन प्रदान करने तक पहुँच गया
      • संस्थापन ने लगभग 18 राज्यों के संगठनों के साथ स्वयं को जोड़ा
    • ‘यंग स्कॉलर्स लीडरशिप प्रोग्राम’ (वाईएसएलपी): संस्थापन के सबसे प्रमुख प्रयासों में से एक, 1993 के बाद से देश भर में संघर्ष से प्रभावित समर्थन बच्चों को इसके अंतर्गत सहायता, इस वर्ष यह लगभग 1,700 बच्चों तक पहुंचा
    • विद्याज्ञान स्कॉलरशिप प्रोग्राम: इस कार्यक्रम की शुरुआत का मूल उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा के प्रति समाज के रवैये में बदलाव करना था
  • शिक्षक सशक्तिकरण कार्यक्रम:
    • वर्तमान में भारत में शिक्षा की स्थिति में सुधार करने के लिए देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई, असम के गुवाहाटी में इसके आधार केंद्र की स्थापना की गई
    • ‘डिस्ट्रिक्ट इन्स्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन एंड लर्निंग’ (DIET) पर एक्शन रिसर्च: असम में सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘डाइट’ संस्थानों के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाया गया (राज्य के 27 जिलों में से केवल 17 में ही डाइट संस्थान मौजूद हैं)
    • मिजोरम में माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए एक प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई
    • विमर्श-गोष्ठी और कार्यशालाओं के माध्यम से प्रधानाध्यापकों के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करने में सर्व शिक्षा अभियान मेघालय को सहायता प्रदान की गई
    • मणिपुर की एससीईआरटी को इनपुट प्रदान किया गया  और  नागालैंड की एससीईआरटी को जानने-समझने के लिए वहाँ का एक दौरा किया गया
  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
    • जल-संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया: 31 संरचनाओं की योजना थी, जिनेमें से 28 का निर्माण किया गया
    • समुदाय आधारित बीज प्रबंधन को 50 गांवों में चलाने का लक्ष्य तय किया गया
    • स्कूल शिक्षा कार्यक्रम उन क्षेत्रों में शुरू किया गया, जहाँ शिक्षा सुविधाएँ लगभग न के बराबर थीं: वर्ष 2012-13 में कुल 184 बच्चे स्कूलों में नामांकित किए गए
    • माँ और बच्चे के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई
  • राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेपरेरी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस):
    • आरजीआईसीएस ने इस वर्ष राजनीतिक नेताओं और सामाजिक आंदोलनों की क्षमता को बढ़ाने पर ही अपना ध्यान प्रमुख रूप से केंद्रित किया
    • लोक नीति के प्रति जनता में जागरूकता बढ़ाई गई
    • लोक नीति के लोकतंत्रीकरण की दिशा में सरकारी अधिकारियों को संवेदनशील बनाया गया
    • सांसदों को नीतिगत अनुसंधान के लिए सहायता प्रदान की गई
    • ‘पॉलिसी वाच’ के नाम से साप्ताहिक न्यूज़लेटर की शुरुआत की गई।

वंडरूम का खुलकर आनंद उठाते बच्चे

ट्रांसफॉर्मेटिव लर्निंग प्रोग्राम

टीचर एम्पावरमेंट प्रोग्राम

समुदायिक भागीदारी को सुगम बनाने के कार्यक्रम

दीनापुर के चिल्ड्रन लर्निंग सेंटर में सामूहिक कार्य सीखते बच्चे

एक्सेस टू ऑपॉर्च्यूनिटीज़

2013-2015

  • ट्रांसफॉर्मेटिव लर्निंग:
    • आंध्र प्रदेश, बिहार, मेघालय और उत्तराखंड के साथ मौजूदा समझौतों के अलावा संस्थापन ने 2013-14 में छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के साथ भी औपचारिक अनुबंध किया
    • सभी संकुलों में जिला-स्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया; उन सभी राज्यों में जहाँ प्रक्रियाओं को लागू किया जा रहा था, वहाँ ब्लॉक संसाधन केन्द्र के समन्वयकों और संकुल संसाधन केंद्र समन्वयकों के लिए कार्यशालाओं की योजना बनाई गई 
    • सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए)  ने राजीव गांधी संस्थापन के सहयोग से नवंबर 2014 में मेघालय में सर्व शिक्षा अभियान के सरकारी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा एवं विचार-विमर्श बैठक का आयोजन किया
    • नेशनल कर्रिकुलम फ्रेमवर्क 2005, शिक्षा का अधिकार 2009 और ‘ट्रांसफॉर्म स्कूल’ दृष्टिकोण के विभिन्न पहलुओं को पर चर्चा करते हुए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के साथ परिचयात्मक और प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की गईं
    • जुलाई 2013 में संस्थापन  ने सभी संकुलों में मासिक शिक्षकों का कलेक्टिव्ह शुरू किया; लगभग 4,050 शिक्षकों ने इन कलेक्टिव्ह में नियमित रूप से भाग लिया
    • रिपोर्टिंग के वर्ष के दौरान एनसीईआरटी से दो सदस्यों ने भी संकुलों का दौरा किया और एमईओ, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के साथ विमर्श किया ताकि वे उस प्रक्रिया को समझ सकें जिसके माध्यम से ‘कंटीन्यूअस कॉम्प्रीहेंसिव ईवैल्यूएशन’ (सतत व्यापक मूल्यांकन, सीसीई) को स्कूल स्तर पर लागू किया जा रहा है
    • संस्थापन के परिसर में ‘जोड़ो ज्ञान’ के आठ सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें इसपर ध्यान केंद्रित किया गया कि किस प्रकार बच्चे मज़ेदार गतिविधियों और प्रशिक्षु शिक्षण तकीनीकों के जरिए संख्यात्मक अवधारणाओं को समझने में सक्षम बनाए जा सकते हैं
    • ‘एक्सप्लोर योर टैलेंट’ के थीम पर एक समर कैंप मई और जून महीने में वंडररूम में आयोजित किया गया; वर्ष 2013-14 में लगभग 750 बच्चों और 2014-15 में 180 बच्चों ने भाग इसमें लिया।
    • आसपास के क्षेत्र में स्कूलों में कुछ बच्चे केंद्रित परियोजनाओं को लागू करने के लिए वंडररूम ने 2013-14 में नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के साथ गठजोड़ किया 
    • थिएटर और फाइन आर्ट जैसे गतिविधियों और माध्यमों जरिए आत्म-अन्वेषण में सक्षम बच्चों को सक्षम बनाने के लिए वंडररूम में बच्चों के दो क्लबों- एक्सप्रेसो क्लब और अड़ोस-पड़ोस क्लब की शुरुआत की गई
    • उत्तर प्रदेश के रायबरेली और अमेठी जिलों में ‘एजुकेशनल इकोसिस्टम प्रोजेक्ट’ की शुरूआत हुई, इसमें ‘विस्तार’ के नाम से ‘चिल्ड्रन्स लर्निंग स्पेस’ (सीएलएस) की स्थापना पर ध्यान केंद्रित किया गया
    • 2013-14 में 277 और 2014-15 में 150 शारीरिक रूप से निःशक्त युवाओं को विशेष वाहनों से सम्मानित किया गया
    • ‘यंग स्कॉलर्स लीडरशिप इनिशिएटिव’ के तहत 2013-14 में 523 और 2014-15 में 490 नेतृत्वशालियों को सहायता दी गई
    • विद्याज्ञान कार्यक्रम के तहत वर्ष 2013-14 में 500 बालिकाओं को नामांकित किया गया
    • राजीव गांधी संस्थापन ने सितंबर 2013 में गेट्स फाउंडेशन के अनुदान से बाराबंकी और रायबरेली जिले के पुस्तकालयों में एक पायलट परियोजना शुरू की
  • शैक्षिक प्रशासन का विकेंद्रीकरण:
    • ग्राम पंचायत स्तर पर शिक्षा की स्थायी समितियों के सदस्यों के साथ बैठकें आयोजित की गईं
    • दड़िया रामपुर के ग्राम पंचायत ने अपनी पंचायत के पांच स्कूलों में छात्रों के लिए कंप्यूटर उपलब्ध कराए
    • दौंध ब्लॉक के ब्लॉक स्थायी समिति ने नियमित आधार पर निगरानी के लिए 20 स्कूलों का दौरा किया
    • उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में वर्ष 2013-14 में प्रजायतन द्वारा कुल 2,891 प्रक्रियाएँ आयोजित की गईं
    • रायबरेली के ऊँचाहार ब्लॉक के कोटरा बहादुरगंज में आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण का एक प्रस्ताव ग्राम पंचायत नेटवर्क के फॉलो-अप बैठक के दौरान रखा गया; उसके लिए भूमि प्राप्त की गई और केंद्र का निर्माण भी शुरू किया गया
  • शिक्षक सशक्तिकरण:
    • जून 2013 में समर्थन भी जोरहाट के डाईट संस्थान को भी डीएलएड (D.El.Ed.) पाठ्यक्रम के लिए एक स्कूल इंटर्नशिप घटक विकसित करने और एक रणनीति के रूप में शिक्षण समूह का उपयोग करने के लिए सहायता दी गई
    • संस्थापन ने ‘राजीव गांधी फाउंडेशन चेयर फॉर टीचर डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट’ की स्थापना के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशन प्लैनिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (न्यूपा) को सहायता दी
    • ‘शिक्षकों की कार्यदशा’ का विश्लेषण करने के लिए न्यूपा ने 2013-14 में एक राष्ट्रीय अध्ययन शुरू किया
    • मिजोरम के आइजोल में स्थित इन्स्टीच्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज़ इन एजुकेशन ने ‘वर्किंग कंडीशन्स ऑफ टीचर्स’ (शिक्षकों की कार्यदशा) पर अध्ययन के लिए 2013-14 में संस्थापन को एक अनुसंधान टीम का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया
  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन:
    • महाराजपुरा गांव में एक 700 मीटर डाइवर्जन चैनल का निर्माण किया गया जिससे जलग्रहण क्षेत्र में 4 वर्ग किमी की वृद्धि हुई, इससे एक बड़ा भूभाग खेती के लायक बन सका और दो मौसमी फसलों के लिए सिंचाई की व्यवस्था भी हुई
    • 2014-15 में ग्राम गौरव संस्थान ने पांच गांवों में 13 पगारा (जल-संचयन बांधों) के निर्माण के लिए नाबार्ड (NABARD) के साथ साझेदारी की
    • 2014-15 में किसानों को 445 किलो बीज प्रदान किया गया
    • कश्मीर बाढ़ के दौरान ग्राम गौरव टीम ने 10 दिनों तक चौबीसों घंटे काम किया और बाढ़ पीड़ितों को भोजन, दवाइयाँ, कंबल और पानी उपलब्ध कराया
  • राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेपरेरी स्टडीज़ (आरजीआईसीएस):
    • गुवाहाटी और असम में राजनीतिक युवा संगठनों के सदस्यों के लिए मासिक सेमिनारों की कई श्रृंखला आयोजित की गई। इनमें महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक मुद्दों जैसे खाद्य सुरक्षा विधेयक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश और महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा की गई
    • अप्रैल 2013 से मार्च 2015 तक ‘पॉलिसी वॉच’ के 80 अंक प्रकाशित किए गए और राजनीतिक प्रतिनिधियों में बाँटे गए जिनमें इस न्यूज़लेटर का एक 50वाँ विशेष संस्करण भी शामिल था
    • आरजी-आरएएल के दूसरे बैच को संगठन के विज़न और मिशन की जानकारी देने और उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की दिशा पर चर्चा करने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया
    • संस्थान का प्रतिनिधित्व करनेवाले प्रमुख विद्वानों में ‘आईनेट’ (INET) के अध्यक्ष तथा न्यूयॉर्क स्थित फ्रैंकलिन और एलिनर इन्स्टीच्यूट के ग्लोबल फाइनेंस प्रोजेक्ट के सीनियर फेलो और निदेशक रॉबर्ट जॉनसन और यूरोपियन बैंक फॉर रिकन्सट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (ईबीआरडी) के तात्कालीन मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. एरिक बर्गलॉफ शामिल थे।

वंडरूम में खेल-खेल में सीखते बच्चे

टीचर एम्पावरमेंट प्रोग्राम

शिक्षण ग्राम सभा

एक्सेस टू ऑपार्च्यूनिटीज़ कार्यक्रम के दौरान निःशक्तजनों से बातचीत करते हुए श्री राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा

Gram Panchayat Network Meeting, Lucknow, UP