पुस्तकालय

पुस्तकालय

Libraries

सार्वजनिक एवं ग्रामीण पुस्तकालय

राजीव गांधी संस्थापन ने 1993 में 22 राज्यों के गांवों और मलिन बस्तियों में पुस्तकालयों की स्थापना शुरू की। कई चलंत (मोबाइल) पुस्तकालयों की शुरूआत भी की गई। अब तक संस्थापन ने देश भर में कुल 1,648 पुस्तकालयों की स्थापना की है। 2013 में संस्थापन ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और रायबरेली जिलों में सार्वजनिक पुस्तकालयों के साथ सफलतापूर्वक काम किया।

समांगन

पुस्तकालयों के नए लचीले मॉडल विकसित करने के अपने उद्देश्य के तहत संस्थापन ने युवा और सामुदायिक गतिविधि केंद्रों के माध्यम से इन्फॉर्मेशन हब अथवा जानकारी केन्द्र स्थापित करने पर जोर दिया है। इन केन्द्रों को समांगन कहा जाता है।

समान अवसर वाले केन्द्रों के रूप में विकसित समांगन युवाओं को एक साथ एक मंच पर आने के लिए प्रोत्साहित करता है, ताकि वे आपसी हित या सरोकार से जुड़े मुद्दों को समझें, आपस में दोस्ती करें और एक सक्रिय सामुदायिक वातावरण को बढ़ावा दें।

समांगन 10 राज्यों के ग्रामीण और कम आय वाले इलाकों में युवाओं के लिए सीखने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान करने के एक जीवंत मंच के रूप में काम करता है। सामुदायिक भवनों या ग्राम पंचायत भवनों जैसे स्थानीय सामुदायिक स्थलों में स्थापित ये समांगन आपसी संवाद और वैचारिक आदान-प्रदान के कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करते हैं। इन संसाधन केन्द्रों को ग्राम पंचायतों के सहयोग से कार्य करने के लिए धीरे-धीरे एकीकृत किया जाएगा।