एजुकेशनल ईकोसिस्टम प्रोजेक्ट

एजुकेशनल ईकोसिस्टम प्रोजेक्ट

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हमारी ‘एजुकेशलन ईकोसिस्टम’ परियोजना चिल्ड्रन्स लर्निंग सेंटर (सीएलसी), चिलड्रन्स लर्निंग स्पेसेज़ (सीएसएस) और गवर्नमेंट स्कूल रिफॉर्म प्रोग्राम के माध्यम से रणनीतिक हस्तक्षेप कर रायबरेली और सीएसएम नगर जिलों की शैक्षणिक स्थलाकृति में सुधार करने का एक प्रयास है। ये शासन के विभिन्न स्तरों पर समुदायिक संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करती हैं।

चिल्ड्रन्स लर्निंग सेंटर (सीएलसी) या आधार
ये पूरे दिन चलने वाले शैक्षणिक केंद्र हैं जो स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा गठित क्लस्टर-स्तरीय संघों (CLAS) के सदस्यों द्वारा संचालित किए जाते हैं। ये केन्द्र धीरे-धीरे उस क्लस्टर में सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक दृष्टिकोण को सुगम बनानेवाले नोडल केंद्र हो जाएंगे। दोनों जिलों में कुल नौ सीएलसी हैं और यह पहल इन केंद्रों के आसपास के नौ संकुलों (क्लस्टरों) की सहायता करते हैं।

चिल्ड्रन लर्निंग स्पेस (सीएलएस) या विस्तार
ये रचनात्मक रूप से डिज़ाइन किए गए अनुपूरक और सहायक शिक्षा केंद्र हैं जो गाँव के सभी बच्चों के लिए प्रतिदिन दिन में दो घंटे के लिए खुलते हैं। बच्चों की संख्या के आधार पर एक गाँव में एक या दो केंद्र होते हैं। इसके लिए स्थान समुदाय ही प्रदान करता है जिसका सार-संभाल और प्रबंधन सीएलए के सदस्यों द्वारा किया जाता है। अब इन दोनों जिलों में 125 ऐसे केंद्र हैं।

गवर्नमेंट स्कूल रिफॉर्म प्रोग्राम
यह परियोजना स्कूल विकास योजनाओं की समीक्षा करने और विकसित करने के लिए और एक ग्राम पंचायत केंद्रित शैक्षणिक शासन योजना को विकसित करने के लिए इसे मजबूत करने हेतु स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी), स्वयं सहायता समूहों के संकुल स्तरीय संघों (सीएलए) और पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के माध्यम से सरकारी स्कूलों में सुधार का प्रयास करती है। इसके माध्यम से हम स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अधिक से अधिक बच्चों को बनाए रखने और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने की उम्मीद करते हैं।

इस परियोजना में हमारे प्रमुख भागीदार हैं- राजीव गांधी महिला विकास परियोजना, जिसने दोनों जिलों में स्वयं सहायता समूहों के साथ काम करके महिलाओं के एक ऐसे मजबूत सामुदायिक आंदोलन को जन्म दिया है जो सक्रिय रूप से अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्रयत्नशील हैं, और ‘प्रजायत्न’ जो उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में शिक्षा प्रशासन पर ध्यान केंद्रित करनेवाली संस्था है।