इंटरएक्ट छात्रवृत्ति

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इंटरएक्ट छात्रवृत्ति

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हिंसक संघर्ष में हमारे समाज की प्रगति के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक रहा है। इन हिंसक संघर्षों से उपजे दर्द और नुकसान का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर ही पड़ता है। हिंसा से प्रभावित बच्चों की पढ़ाई अक्सर छूट जाती है और उनके स्वयं ही हिंसा के दुष्चक्र में फंसने का खतरा रहता है।

राजीव गांधी संस्थापन 1993 से ही संघर्ष-प्रभावित बच्चों को सहायता प्रदान करेने का कार्य करती रही है। ‘इंटरएक्ट’ (INTERACT) यानि ‘दी इनिशिएटिव टू एजुकेट, रिहेबिलिटेट एंड एसिस्ट चाइल्ड विक्टिम्स ऑफ टेरर’ का प्रयास ऐसे ही बच्चों और उनकी सहायता करना रहा है, क्योंकि हिंसक दुष्चक्र के नुकसान के आघात को झेलते हुए और उससे बचते हुए उन्हें अपना जीवन फिर से सँवारना होता है।

‘इंटरएक्ट’ कार्यक्रम की शुरुआत जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम और आंध्र प्रदेश के दो जिलों के बच्चों के साथ की गई। बाद के वर्षों में इसमें अन्य हिंसा प्रभावित राज्यों, जैसे- त्रिपुरा, नागालैंड और मणिपुर को भी शामिल किया गया। 2002 में गुजरात और 2003 में मुंबई के बच्चों को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया। 2006 में छत्तीसगढ़ से भी छात्रों का चयन किया गया। अभी तक संस्थापन ने 11 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 2,086 बच्चों की सहायता की है। इनमें 134 ऐसे छात्र भी शामिल हैं जिन्होंने उच्च शिक्षा या व्यावसायिक शिक्षा भी हासिल की।

चयन के लिए दिशा-निर्देश

  1. पहली से बारहवीं कक्षा तक में पढ़ रहे बच्चे
  2. वैसे बच्चे जिन्होंने हिंसा में अपने माता-पिता में एक या दोनों को या अपने अभिभावक को खो दिया है
  3. बच्चे नागरिक परिवारों से आते हों
  4. मामले पिछले दो वर्षों की अवधि में हुई हिंसा की घटनाओं से संबंधित हों
  5. कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आनेवालो बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी

सहायता के लिए अन्य शर्तें:

  1. स्कूल अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित वार्षिक परीक्षा रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने के बाद यदि सहायता की पेशकश की जाती है तो साथी संगठन को इसे सत्यापित करना होता है
  2. यदि बच्चा/बच्ची पढ़ाई छोड़ देते हैं तो सहायता बंद कर दी जाती है, लेकिन यदि वे फिर से पढ़ाई शुरू कर देते हैं तो सहायता फिर से जारी कर दी जाती है।

 

 

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